बलिया। जनपद के प्रतिष्ठित पत्रकारिता जगत के सशक्त स्तंभ, दैनिक जागरण के पूर्व व्यवस्थापक एवं अनेक शिक्षण संस्थाओं के मार्गदर्शक श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय के असामयिक निधन पर जनपद के पत्रकारों द्वारा एक शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में उपस्थित पत्रकारों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
शोक सभा को संबोधित करते हुए पत्रकार पद्मदेव सिंह (पीडी सिंह) ने कहा कि प्रमोद कुमार उपाध्याय पत्रकारिता के मूल्यों के प्रतीक थे। उन्होंने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता को हमेशा प्राथमिकता दी और नई पीढ़ी के पत्रकारों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
पत्रकार अजय कुमार सिंह ने कहा कि श्री उपाध्याय का व्यक्तित्व अत्यंत सरल और प्रभावशाली था। वे केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि एक कुशल मार्गदर्शक और शिक्षक के रूप में भी सदैव याद किए जाएंगे।
पत्रकार असगर अली ने कहा कि प्रमोद कुमार उपाध्याय ने पत्रकारिता को समाज सेवा का माध्यम माना। उनके विचार और कार्यशैली आज भी पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
पत्रकार रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार उपाध्याय जी का निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और सादगी भरे व्यक्तित्व को हमेशा याद किया जाएगा।
पत्रकार पंडित विजेंद्र कुमार शर्मा ने उन्हें जनपद की पत्रकारिता का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उनके जाने से जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।
पत्रकार जमाल अहमद ने कहा कि श्री उपाध्याय ने सदैव सत्य और जनहित को प्राथमिकता दी। वे हर वर्ग के लोगों के बीच समान रूप से सम्मानित थे।
पत्रकार अरविंद सिंह ने कहा कि उनका जीवन अनुशासन, समर्पण और ईमानदारी का उदाहरण रहा। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
पत्रकार दीपक तिवारी ने कहा कि प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कई युवा पत्रकारों को अवसर देकर उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि उनका निधन जनपद के बौद्धिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
पत्रकार हसन खां ने कहा कि श्री उपाध्याय सभी के साथ स्नेह और सम्मान से पेश आते थे। उनका जाना पत्रकारिता जगत के लिए अत्यंत दुखद है।
पत्रकार हरिवंश जी ने कहा कि वे सदैव पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहते थे और उनके मार्गदर्शन से अनेक लोग लाभान्वित हुए।
रविशंकर प्रसाद शिवम ने कहा कि प्रमोद कुमार उपाध्याय जैसे व्यक्तित्व बहुत कम होते हैं, जो अपने कार्य और व्यवहार से समाज पर गहरी छाप छोड़ जाते हैं।
पत्रकार अंजनी कुमार ने कहा कि उनका जीवन पत्रकारिता की सच्ची भावना को दर्शाता है और आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।
शोक सभा में उपस्थित सभी पत्रकारों एवं सामाजिक लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।


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