नववर्ष पर भोजन और कंबल और गर्म कपड़ो से सजी सेवा की तस्वीर : विपिन शर्मा 

सेवा, संवेदना और सम्मान का संगम बना बृज की रसोई अभियान: के के दुबे, अशोक वाटिका परिवार 

लखनऊ। इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) द्वारा संचालित सेवा प्रकल्प बृज की रसोई के अंतर्गत प्रेरणास्रोत बाबा नीम करोली की असीम कृपा से नववर्ष के अवसर पर रविवार, 04 जनवरी 2026 को आशियाना, लखनऊ (उ.प्र.) में निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया। यह सेवा अपरान्ह 02 बजे से प्रारंभ हुई, जिसमें समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों-अकिंचन, निराश्रित, असहाय बच्चों, बुजुर्गों, दिहाड़ी मजदूरों एवं श्रमिक परिवारों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराया गया।


संजय श्रीवास्तव ने बताया कार्यक्रम का संचालन संस्था के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयास से किया गया। सेवा स्थल पर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, अनुशासन एवं सुव्यवस्थित वितरण पर विशेष ध्यान दिया गया।


विकास पाण्डेय ने अवगत कराया कि सेवा के दौरान सामाजिक समरसता, मानवीय संवेदना और आपसी सहयोग का भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। बच्चों के चेहरों पर संतोष और बुजुर्गों की आंखों में कृतज्ञता इस बात का सजीव प्रमाण रही कि सेवा केवल सहायता नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मीयता का माध्यम भी है।


संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने नूतन वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नया साल हम सबके जीवन में सेवा, संवेदना और सद्भाव के नए अवसर लेकर आए, नया साल—सेवा के नाम की इसी भावना के साथ यह आयोजन किया गया, ताकि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी सम्मान, सहयोग और मानवता का प्रकाश पहुँच सके, और स्थानीय नागरिकों, सेवा-सहयोगियों एवं दानदाताओं के सक्रिय सहयोग से यह परोपकारी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


आशीष श्रीवास्तव ने बताया आज का निःशुल्क भोजन वितरण साईं मंदिर, सेक्टर–जे, आशियाना से प्रारंभ होकर सेक्टर–एम रिक्शा कॉलोनी, रतन खंड पार्क, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पास स्थित झुग्गी–झोपड़ियाँ, निर्माणाधीन भवनों में कार्यरत श्रमिकों के अस्थायी आवास, नगर निगम जोन–8 की मलिन बस्तियाँ तथा रतन खंड पानी टंकी सहित अनेक क्षेत्रों में संपन्न हुआ। इस दौरान लगभग 1500 जरूरतमंदों को आलू–गोभी–मटर–टमाटर की सब्जी, चावल तथा मिष्ठान में सूजी का हलुवा सप्रेम परोसा गया।


अनुराग दुबे ने कहा कार्यक्रम की संवेदनशीलता को और अधिक मानवीय स्वर प्रदान करते हुए, सहयोगी संस्था अशोक वाटिका परिवार के तत्वावधान में भीषण ठंड को देखते हुए गर्म कपड़ों एवं कंबलों का वितरण भी किया गया। ठिठुरती ठंड में जब किसी के कंधों पर कंबल रखा गया, तो वह केवल वस्त्र नहीं, बल्कि अपनत्व और भरोसे की ऊष्मा बनकर उतरा। यह क्षण सेवा के वास्तविक अर्थ को साकार करता हुआ, मानवता के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व का भाव जागृत करता रहा।

दीपक भुटियानी ने बताया आज के कार्यक्रम में संस्था के समर्पित पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक राजीव पाण्डेय, दीपक भुटियानी, संजय श्रीवास्तव, अनुराग दुबे, विकास पाण्डेय, आशीष श्रीवास्तव, विशाल सक्सेना, अखिलेश सिंह, मुकेश कनौजिया एवं अथर्व श्रीवास्तव, ध्रुव सक्सेना सहित अनेक समाजसेवियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। वहीं अशोक वाटिका परिवार की ओर से के. के. दुबे, आरती सिंह, नीलम अग्रवाल, ममता निगम, कविता मिश्रा, सीमा सिंह सहित अन्य सहयोगियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

विशाल सक्सेना ने बताया इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) ने सभी सहयोगकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं शुभचिंतकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार निःस्वार्थ भाव से जनकल्याणकारी सेवाएं निरंतर संचालित करती रहेगी। साथ ही समाज के सक्षम वर्ग से आगे भी सहयोग की अपील की गई, ताकि जरूरतमंदों के लिए भोजन, संवेदना और सम्मान की यह श्रृंखला सतत रूप से चलती रहे।