लखनऊ। ओवरलोडिंग वाहनों से अवैध वसूली के मामले में हुई एसटीएफ की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। प्रदेशभर में तीन आरटीओ और 18 एआरटीओ को नई तैनाती दी गई है। इस संबंध में शनिवार को विशेष सचिव खेमपाल सिंह की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
लखनऊ में आलोक कुमार यादव को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ, प्रवर्तन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके तैनात होने से राजधानी में लंबे समय से बाधित चल रही वाहनों की जांच व्यवस्था के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
गौरतलब है कि गत नवंबर माह में एसटीएफ ने लखनऊ, फतेहपुर और रायबरेली में ओवरलोडिंग वाहनों से वसूली के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस कार्रवाई में लखनऊ समेत तीन एआरटीओ, पीटीओ सहित अन्य अधिकारियों का निलंबन भी हुआ था। इसके चलते वाहनों की नियमित जांच प्रभावित हो रही थी, जिसे देखते हुए शासन ने नई तैनातियां की हैं।
नई सूची के अनुसार चंपा लाल को सिद्धार्थनगर, अशोक कुमार श्रीवास्तव को गाजियाबाद, कौशल कुमार सिंह को सोनभद्र, मानवेंद्र प्रताप सिंह को सहारनपुर, विनय कुमार सिंह को आगरा तथा कृष्ण कुमार यादव को फर्रुखाबाद का एआरटीओ (प्रशासन) बनाया गया है।
वहीं हरिओम को बदायूं, वैभव सोती को बरेली, सतेंद्र कुमार यादव को मथुरा, विंध्याचल कुमार गुप्ता को कानपुर, उमेश चंद्र कटियार को रायबरेली, गुलाब चंद्र को अयोध्या, विपिन कुमार को बागपत, हरिओम को शाहजहांपुर, प्रतीक मिश्र को फतेहपुर और नीतू शमां को बुलंदशहर का एआरटीओ (प्रवर्तन) नियुक्त किया गया है। इसके अलावा देवदत्त कुमार को मेरठ का एआरटीओ प्राविधिक बनाया गया है।
इसी क्रम में तीन आरटीओ की भी नई तैनाती की गई है। राघवेंद्र सिंह को आरटीओ प्रशासन वाराणसी, मनोज कुमार सिंह को आरटीओ प्रशासन सहारनपुर और अम्बरीश कुमार को आरटीओ प्रवर्तन मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन का मानना है कि इन नई तैनातियों से परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण होगा और वाहनों की जांच व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


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