मऊ के लाल सुधाकर


नमन मऊ के लाल सुधाकर!

हम सब के सम्मान सुधाकर।

मऊ में लिए अवतार सुधाकर।।

भावनपुर के लाल सुधाकर,

आशाओं के मान सुधाकर।

अपनों के सम्मान सुधाकर।।

राजनीति का आन सुधाकर,

पूर्वांचल की शान सुधाकर,

जन-जन के स्वाभिमान सुधाकर।।


कुलदीप के पुत्रों मे एक थे आप,

सभी दृष्टि से नेक थे आप।

सुधा, दया के स्रोत थे आप,

अपनों के उम्मीद थे आप।।


संघर्ष पथ के वीर पथिक थे आप,

निडरता के प्रतिमान थे आप।।

किशोरावस्था में ही नाम किये।

संघर्ष पथ पर  प्रतिमान दिये।।


चल पड़े राजनीति के संघर्ष पथ पर,

चलते रहे अविरल जीवन भर।

घोसी, काशी,आजमगढ़ में छात्र राजनीति में नाम किये,

अपनों का सम्मान किये।

नित्य कद का उत्थान किए।।


 चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर और मुलायम के शिष्य थे आप।

शिवपाल के मित्र थे आप। 

 दीन-दुखियों के

पोषक थे आप।।


दल गत विघटन के बाद।

 मुलायम को दिया अपना साथ।।


अवसरवाद के इस काल में।

विचलन न हुआ घोसी के लाल में।।


आजीवन समाजवाद के अनुयायी बने रहे आप।

सिद्धांत के पर्याय बने रहे आप।।


राजनीति की राह  कठिन थी,

इसको आप से अधिक देखा कौन?

खोया कौन-पाया कौन ?


विधानसभा नत्थुपुर-घोसी का नाम किए,

 उप चुनाव घोसी में 

कीर्तिमान दिए। 

अपनों की उम्मीदों का सम्मान किए।।


संघर्ष पथ के वीर पथिक थे आप।

संघर्षों की मिशाल थे आप।।

पूर्वांचल की आवाज़ थे आप।

मऊ की राजनीति के सम्राट थे आप।।


नमन मऊ के लाल सुधाकर!

हम सब के सम्मान सुधाकर।।


राजेश कुमार सिंह ✍️
 

मऊ, उत्तर प्रदेश 

मो. - 9416367382



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