लखनऊ मण्डल : वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोविड-19 संक्रमण काल में लाॅकडाउन के दौरान का लेखा-जोखा, पढ़ें और जानें










लखनऊ 03 अप्रैल 2021। लखनऊ मंडल की मण्डल रेल प्रबन्धक डा0 मोनिका अग्निहोत्री के कुशल नेतृत्व में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोविड-19 संक्रमण काल में लाॅकडाउन के दौरान आपदा को अवसर में बदलते हुए लखनऊ मण्डल निरंतर अग्रणी रहकर अपनी सक्रिय सहभागिता एवं सर्वोच्च सेवाओं के द्वारा सतत् प्रयासरत है। यह सामूहिक उपलब्धि है जिससे हम सब को मिलकर आगे ले जाना है।

इस वित्तीय वर्ष में 6.8 मिलियन यात्री यातायात सुविधाओं से लगभग रू0 575 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है। नये ’गुड्स टर्मिनल’ एंव नये आय के स्रोत्रों से लगभग रू0 20 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व को प्राप्त किया गया है।

इसी क्रम में नौतनवां एवं बक्शी का तालाब स्टेशनों पर आटोमोबाईल के नये माल परिवहन हेतु लोडिंग एवं अनलोडिंग के प्वाईंट विकसित किये गये हैं। बुढ़वल स्टेशन से कंक्रीट स्लीपर, बिसवाँ एवं चिल्वरिया से चीनी की लोडिंग की गई। इसके अतिरिक्त बक्शी का तालाब स्टेशन पर भूसी (डीओसी) व आटोमोबाईल की लोडिंग प्रारम्भ की गई। बक्शी का तालाब एवं नौतनवा स्टेशनों पर बेहतर मार्केटिंग के माध्यम से आटोमोबाईल का आवक माल यातायात प्राप्त किया गया, जो कि मण्डल की अभूतपूर्व उपलब्धि है।

नान फेयर राजस्व के अन्तर्गत 16 नये प्रस्तावों को अन्तिम रूप देते हुए 80 लाख रू0 की अतिरिक्त वार्षिक आय की प्राप्ति करते हुए 1.2 करोड़ रू0 की बचत भी गई है जो की भारतीय रेल में सबसे अधिकतम् एवं अभूतपूर्व है।

मण्डल में ’रेल मदद’ पर प्राप्त होने वाले परिवादों को निपटारा औसतन 9 मिनट में किया है। जिसके लिये भारतीय रेलवे में मण्डल को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ’सीपीग्राम’ ÞCPGRAM (Centralized Public Grievance Redress And Monitoring System) पर माह दिसम्बर 2020 से परिवादों का निस्तारण औसतन समय 24 धण्टे के अन्दर ही कर दिया जा रहा है।

व्यय नियंत्रणः- 

वित्तीय वर्ष में 406 करोड़ रूपये की बचत की गयी जिसमें मुख्यतः विद्युत चालित गाड़ियों के संचलन से 37743 किलो लीटर एचएसडी आयल की बचत से 226 करोड़ रूपये की बचत की गयी तथा कर्मचारियों के टी.ए एवं ओ.टी भत्तों में कमी लायी गयी।

स्क्रैप बिक्रीः- 

वित्तीय वर्ष में लखनऊ मंडल द्वारा संशोधित लक्ष्य 67 करोड़ रूपये से अधिक 76 करोड़ का राजस्व स्कै्रप ब्रिकी के माध्यम से प्राप्त की गयी है। भारतीय रेल के सभी मण्डलों में लखनऊ मण्डल को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

आधारभूत संरचना का विकासः-

लखनऊ मण्डल में 105 किमी. लाइन का विद्युतीकरण किया गया। जिसमें (सीतापुर-लखीमपुर 50 किमी.,गोण्डा-सुभागपुर 14 किमी., गोरखपुर- आनन्दनगर के मध्य 41.066 किमी) है।

टिकरी हाल्ट स्टेशन को तीन नई लाइन क्रॉसिंग स्टेशन (Electronic Interlocking) में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया गया। टिकरी स्टेशन को रेलवे विद्युतीकरण फिटनेस मापदण्ड के अनुरूप कमीशन किया गया है।

आनन्दनगर- नौतनवाॅ ख्ण्ड के मध्य स्पीड लिमिट 80 किमी. से बढ़ाकर 100 किमी/घन्टे कर दिया गया है।

संरक्षा एवं सुरक्षाः-

मण्डल में 33 समपारों को बन्द किया गया। जिसमें 30 समपारों पर एलएचएस बनाये गये तथा 02 समपारों को पूर्णतया बन्द किया गया तथा 01 समपार का डायवर्जन किया गया।

लखनऊ मण्डल में अनुरक्षण से संबंधित इन हाउस उपकरण जैसे ’पावर कार’ हेतु एचओजी टेस्टिंग रिग, स्वच्छ सारथी, एवं आग बुझाने के लिए क्वार्टर मिस्ट बेस फायर एक्सटिंगुइशर सिस्टम बनाये गये है।

अन्य उपलब्धियाॅः-

मण्डल में ’ऊर्जा संरक्षण दिवस’ पर उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) द्वारा आयोजित ऊर्जा संरक्षण अभियान के तहत लखनऊ स्थित पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल के मण्डल रेल प्रबन्धक कार्यालय को ’सरकारी भवन संवर्ग’ में प्रशंसनीय एवं प्रभावी कार्य हेतु उत्तर प्रदेश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।

विभिन्न रेलवे स्टेशनों, रेल खण्डों तथा रेलवे परिसर में साफ-सफाई, पौधरोपण, मिटटी के समतलीकरण, तटबंधों का सुदृड़ीकरण तथा रेलवे फाटकों के पंहुच मार्गों के चैड़ीकरण व मरम्मत का कार्य ’महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ (मनरेगा) के अंतर्गत मण्डल में रेलवे के निर्माण एवं अन्य कार्यों के तहत 35411 हजार मानव दिवस के रोजगार का सृजन किया गया।

’’आपरेशन कायाकल्प’’ के अन्र्तगत रेल कर्मियो एवं एनजीओ के सतत प्रयास से विभिन्न स्टेशनों पर स्टेशन क्लीनिंग तथा विभिन्न रेल खण्डों पर टैªक क्लीनिंग अभियान चलाया गया। मण्डल में 641476 वृक्षारोपण किया गया। जो कि मण्डल के वार्षिक लक्ष्य 350000 से कही अधिक है।

कोविड-19 की चुनौतियाः-

लखनऊ मण्डल में सर्वाधिक 521 श्रमिक स्पेशल गाड़ियाॅ टर्मिनेट हुई तथा 11 श्रमिक स्पेशल टेªनों द्वारा यात्रियों को विभिन्न राज्यों में उनके गन्तव्य पर पहुॅचाया गया। मण्डल के गोरखपुर जं0 स्टेशन पर भारतीय रेल में सर्वाधिक 321 श्रमिक स्पेशल गाड़ियाॅ टर्मिनेट हुई थी तथा मण्डल में कोविड-19 लाॅकडाउन के दौरान विभिन्न स्टेशनों पर कुल 5.58 लाख प्रवासी यात्रियों को लाया गया। मण्डल द्वारा चिकित्सीय क्षेत्र में कोविड से ग्रसित मरीजों के लेविल 2/3 कोविड चिकित्सालयों में परिवहन हेतु अत्याधुनिक जीवन रक्षक एम्बुलेंस की व्यवस्था प्रदान की गयी है।

महेश गुप्ता

जनसम्पर्क अधिकारी

पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ।



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