नमामि गंगे योजना के तहत जनपद के कृषकों को पौधारोपण हेतु मिली लाभकारी योजना : डॉ0 गणेश पाठक

बलिया। गंगा समग्र के गोरक्ष प्रांत के पर्यावरण प्रभारी एवं जिला नमामि गंगे के सदस्य पर्यावरणविद् डॉ0 गणेश कुमार पाठक ने "परिवर्तन चक्र" से भेंटवार्ता में बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत जनपद के कृषकों पौधारोपण करने हेतु अनेक लाभकारी योजनाएँ प्राप्त हुई हैं, जिसके तहत कृषक पौधारोपण कर न केवल अपना अर्थोपार्जन कर सकते हैं बल्कि जिले की पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी को संतुलित करने में अहम् भूमिका निभा सकते हैं।

डॉ0 पाठक ने बताया कि उन्हें प्राप्त कराई गयी सूचनानुसार जिला के कृषकों  की भूमि पर कृषि भूदृश्य के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निजी कृषि भूमि पर कृषकों के खेतों/मेड़ों पर 640 हेक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्य करने की योजना आई है, जिसके तहत एक हेक्टेयर में 150 पौधे रोपे जाने हैं। इन पौधों में छायादार से लेकर फलदार वृक्ष लगाए जा सकते हैं। कृषकों की इच्छानुसार उच्च गुणवत्ता के पौधों की आपूर्ति वन विभाग द्वारा की जायेगी

उपर्युक्त कार्यों हेतु कृषकों को अनुदान के रूप में  पी० एफ० एम० एस० के माध्यम से अनुदान की राशि हस्तांतरित की जायेगी, जिसके तहत गढ्ढा खदान एवं पौधारोपण कार्य हेतु प्रति पौधा 70 रूपया अर्थात् प्रति हेक्टेयर 10500 रूपया, वृक्षारोपण अनुरक्षण प्रथम हेतु प्रति पौधा 30 रूपया, जबकि प्रति हेक्टेयर 3750 रूपया, वृक्षारोपण अनुरक्षण द्वितीय हेतु प्रति पौधा 25 रूपया अर्थात् प्रति हेक्टेयर 3750 रूपया, वृक्षारोपण अनुरक्षण तृतीय हेतु भी प्रति पौधा 25 रूपया एवं प्रति हेक्टेयर 3750 रूपया, जबकि वृक्षारोपण अनुरक्षण चतुर्थ हेतु प्रत पौधा 20 रूपया एवं प्रति हेक्टेयर 3000 रूपया का अनुदान दिया जायेगा। इस तरह प्रति पौधा कुल 170 रूपया एवं प्रति हेक्टेयर कुल 25500 रूपये का अनुदान पौधारोपण करने वाले कृषकों को प्राप्त होगा।

डॉ0 पाठक ने यह भी बताया कि 'कृषि वनीकरण उप मिशन योजना' के तहत कृषकों को खेतों/मेड़ों पर पौधारोपण हेतु 46000 एवं कृषकों के खेतों के फसल के साथ पौधरोपण हेतु कुल 4000 पौधरोपण की योजना आई है, जिसके लिए खेतों/मेड़ों पर पौधारोपण हेतु कृषकोऔ को 150 पौधे प्रति हेक्टेयर लगाने की योजना है, जिसके लिए प्रत पौधा 14 रूपया एवं प्रत हेक्टेयर 2400 रूपया अनुदान प्राप्त होगा। जबकि कृषको़ं के खेतों में फसलों के साथ पौधारोपण हेतु प्रति हेक्टेयर 500 पोध रोपित करना है, जिसके लिए प्रत पौधा 11 रूपया एवं प्रति हेक्टेयर 5600 रूपया अनुदान प्राप्त होगा। इस योजना में कृषकों को स्वयं निर्धारित दर पर पौधों को क्रय करना होगा।

डॉ0 पाठक ने बताया कि जनपद में बाँस को उगाने के लिए भी महत्वपूर्ण योजना 'राष्ट्रीय बाँस मिशन योजना' के तहत आई हुई है, जिसके तहत कृषकों को 450 बाँस का पौधा प्रति हेक्टेयर लगाना है।इसके लिए कृषकों को 60 रूपया प्रति बाँस पौधा अर्थात् 27000 प्रति हेक्टेयर अनुदान प्राप्त होगा।

डॉ0 पाठक ने यह भी बताया कि कृषक पौधशाला की स्थापना हेतु भी एक लाभकारी योजना कृषकों के लिए आई है, जिसके तहत प्रति 0.5 हेक्टेयर में 25000 हजार पौधे उगाने हैं। इसके लिए कृषकों को 5 लाख रूपए का अनुदान प्राप्त होगा। ऐसी पौधशाला कृषकों को अपनी निजी भूमि पर स्थापित करनी होगी एवं 25000 पौधों का उगान तैयार करना होगा और तद्नुसार भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप अनुदान की धनराशि सीधे पौधशाला तैयार करने वाले कृषक के बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जायेगी।

एक पर्यावरणविद् के रूप में पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के संरक्षण हेतु कार्य करने वाले डा० पाठक ने जनपद के कृषकों से अपील किया है कि वे उपरोक्त योजनाओं को क्रियान्वित कर न केवल अपनी स्थिति सुदृढ़ करें, बल्कि वन विहीन इस जनपद कै भी हरा-भरा कर पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित करें।कारण कि जहाँ कुल भूमि के 33 प्रतिशत भूभाग पर वृक्षावरण होना चाहिए, वहाँ बलिया जनपद में एक प्रतिशत भी नहीं है।

उपर्युक्त योजना में सम्मिलित होने वाले इच्छुक कृषक अपना इच्छापत्र, आधार कार्ड एवं निर्वाचन कार्ड की छायाप्रति लेकर विस्तृत जानकारी हेतु अपने-अपने क्षेत्र के उप वनाधिकारी जैसे-बलिया क्षेत्र हेतु मो०- 9415386054, छाता- मो०-7839434327, बाँसडीह- मो०-8874728384, बैरिया- मो०-9415683159, मनियर- मो०-9839106861, बेल्थरारोड-मो० 9838215825, सिकन्दरपुर- मो०-9369082139, रसड़ा- मो०-9935622061 एवं फेफना- मो० 9452223117 के साथ ही साथ प्रभागीय कार्यालय जीराबस्ती, वन विहार से भी सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं।



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