नाले के निर्माण में मिली कमी पर जिलाधिकारी ने जेई को लगाई फटकार


कहा, गुणवत्ता में कमी हुई तो ठेकेदार-इंजीनियर पर कार्रवाई तय

15 दिन में पूरा हो जाए निर्माण कार्य, गुणवत्ता के बाबत दी जरूरी सलाह

बलिया। जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए सीएमओ आवास के पास बनाए जा रहे बड़े नाले का निरीक्षण जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने किया। एकाध कमियां मिलने पर सख्त चेतावनी दी कि अगर गुणवत्ता में कोई कमी हुई तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए सिंचाई विभाग को भी साथ ले गए थे। सड़क का पानी निकलने के लिए चार इंच का पाइप लगे होने पर कहा कि कम से कम एक फ़ीट की जगह छोड़ी जाए, ताकि आसानी से पानी निकल सके।


नपा के जेई द्वारा अब तक कार्य का मौका-मुआयना नहीं करने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव को निर्देश दिया कि जेई का जवाबतलब करें कि आखिर अब तक निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर नजर क्यों नहीं रखी गई। हर पांच दिन पर कार्य का निरीक्षण करते रहने को कहा। कार्य पूरा होने की समयसीमा के बारे में नगरपालिका के इंजीनियर से पूछताछ की तो बताया गया कि 15 दिन में पूरा हो जाएगा। डीएम श्री शाही ने कहा कि किसी भी हाल में मई तक इस नाले को कुंवर सिंह चौराहे तक तथा वहां से एनसीसी तिराहे तक के नाले को भी बना लेना है।


कम दूरी में ही काम होने पर हुए नाराज

निरीक्षण के दौरान नगरपालिका के जेई ने बताया कि एक करोड़ 78 लाख की लागत से 500 मीटर से अधिक की लंबाई में नाला बनाया जाना था, लेकिन गहराई बढ़ने की वजह से 372 मीटर कार्य ही हो रहा है। इस तरह कटहल नाला तक नाला नहीं बन पाने की स्थिति देख जिलाधिकारी नाराज हुए। उन्होंने जेई से पूछा कि आखिर किस मानक पर बीच से कार्य लगाया गया। नाले के किसी एक छोर के अंतिम पॉइंट तक तो निर्माण अनिवार्य रूप से पूरा करना चाहिए था। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कटहल नाला तक नाले का निर्माण हर हाल में पूरा कराना है। इसके बाद तिखमपुर में सड़क किनारे बन रही नाली का भी स्थलीय निरीक्षण किया।




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