एड्स एक घातक बीमारी है, जिसका कोई इलाज नही है, जानकारी ही इसका बचाव है : डा0 लक्ष्मी गुंजियाल





लखनऊ 02 दिसम्बर 2020 । पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल की मण्डल रेल प्रबंधक डा0 मोनिका अग्निहोत्री के दिशानिर्देश पर तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में लखनऊ मण्डल के छोटे बड़े स्टोशनों पर रेल कर्मचारियों व उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूता हेतु समय समय पर मण्डल चिकित्सीय टीम एवं पैरा मेडिकल स्टाफ द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी परिप्रेक्ष्य में ’विश्व एड्स दिवस’ के अवसर पर  दिनांक 01 दिसम्बर 2020 को उप मंडलीय चिकित्सालय, गोण्डा एवं हेल्थ यूनिट, बस्ती में ’एड्स जागरूकता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उप मंडलीय चिकित्सालय, गोण्डा में आयोजित शिविर में मुख्य वक्ता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 लक्ष्मी गुंजियाल ने अपने सम्बोधन में बताया कि एड्स मरीजों की बढती हुयी संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एड्स एक घातक बीमारी है, जिसका कोई इलाज नही है, जानकारी ही इसका बचाव है एवं एड्स के ज्ञान से ही जान बच सकती है। जब तक एड्स के लक्षण आते है तब तक बहुत देरी हो चुकी होती है एवं तब तक यह बीमारी पूरी तरह से जकड़ चुकी होती है । एड्स का सीधा सम्बन्ध क्षय रोग एवं यौन रोग से रहता है, अतः इन रोगो से बचना बहुत जरूरी है एवं यौन रोग होने पर किसी प्रशिक्षित चिकित्सक से शीघ्र इलाज करायें वर्ना एचआईवी इंनफेक्शन से खतरा बढ जाता है।    

यह बीमारी गर्भवती महिलाओं से शिशु को भी फैल सकती है एवं इस बीमारी में कमजोरी आ जाती है, डायरिया, बुखार इत्यादि रहता है, वजन कम होने लगता है एवं यौन रोगो से संबंधित लक्षण के बारे में बताया कि गुप्तांगों पर चकत्ते खुजली फुंसिया इत्यादि हो जाती है और पेशाब में खून एवं स्वेत प्रदर होता हेै, एवं उन्होंने बचाव हेतु कन्डोम के प्रयोग, डिस्पोजबल सिरिंज एवं एचआईवी फ्री ब्लड चढाने की सलाह  दी। संयमित आचार, विचार, आहार, विहार एवं व्यवहार भी अपनाने से एचआईवी/एड्स से भी बचा जा सकता है । एड्स से संबंधित प्रदर्शनी लगायी गयी एवं संबंधित पंपलेट्स का भी वितरण किया गया ।  

एक अन्य कार्यक्रम में हेल्थ यूनिट, बस्ती में आयोजित संगोष्ठी में अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 संजय तिवारी ने एड्स से संबंधित भ्रान्तियों को दूर करते हुये बताया कि हाथ मिलाने से, गले लगने से, साथ में कार्य करने से, साथ में खेलने एवं खाना खाने, शौचालय के उपयोग से, मच्छर के काटने से एचआईवी नहीं फैलता है। एड्स बीमारी प्रभावित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध से, दूषित खून चढाने से व दूषित सुईयों व सिरिंजो के उपयोग से होता है। इस अवसर पर रेलवे चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी व कर्मचारी गण उपस्थित थे। 
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