बलिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया के तत्वावधान में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर सहित जनपद के विभिन्न न्यायालयों एवं तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी बलिया, जिला जज बलिया एवं पुलिस अधीक्षक बलिया ने माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय प्रयागराज गौतम चौधरी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद सभी अधिकारियों एवं न्यायिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, वैवाहिक वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, चेक बाउंस से संबंधित धारा 138 एनआई एक्ट के मामले, बैंक ऋण वसूली वाद, चालान से संबंधित प्रकरण, राजस्व वाद, उपभोक्ता फोरम के मामले, श्रम विवाद, बिजली बिल से संबंधित मामले, आर्बिट्रेशन से जुड़े वाद सहित विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने की व्यवस्था की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत में आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों का निस्तारण होने से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। जनपद न्यायालय बलिया, परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रसड़ा, समस्त ग्राम न्यायालय, कलेक्ट्रेट के न्यायालयों तथा सभी तहसीलों में विभिन्न मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि जो मामले आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित किए जा सकते हैं, उनके पक्षकार राष्ट्रीय लोक अदालत की सुविधा का लाभ उठाएं और अपने विवादों का सरल एवं त्वरित समाधान प्राप्त करें।





