गंगा-घाघरा का जलस्तर घटा, टोंस में बढ़ाव से सतर्कता जरूरी

बलिया में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी, बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने जारी किया जलस्तर प्रतिवेदन

बलिया। जिले में गंगा, सरयू (घाघरा) और टोंस नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से 10 सितंबर को जारी नदी के जलस्तर एवं वर्षा संबंधी प्रतिवेदन के अनुसार अधिकांश प्रमुख गेज स्थलों पर जलस्तर में मामूली परिवर्तन दर्ज किया गया है। गंगा के बक्सर और गायघाट गेज स्थलों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि सरयू (घाघरा) के कुछ गेज स्थलों पर जलस्तर में कमी और बढ़ाव दोनों की स्थिति बनी हुई है।

प्रतिवेदन के अनुसार बक्सर में गंगा का खतरा बिंदु 60.320 मीटर निर्धारित है, जबकि 10 सितंबर को सुबह आठ बजे जलस्तर 59.85 मीटर तथा शाम चार बजे 59.86 मीटर दर्ज किया गया। इस गेज स्थल पर गंगा खतरा बिंदु से नीचे बह रही है। वहीं गायघाट में खतरा बिंदु 57.615 मीटर के सापेक्ष सुबह जलस्तर 59.26 मीटर और शाम चार बजे 59.32 मीटर दर्ज किया गया। इस प्रकार गायघाट में गंगा खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है और जलस्तर में मामूली बढ़ाव दर्ज हुआ है।

सरयू (घाघरा) के डीएसपी हेड गेज स्थल पर खतरा बिंदु 64.010 मीटर है। यहां सुबह जलस्तर 64.73 मीटर तथा शाम चार बजे 64.70 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह जलस्तर में मामूली कमी आई है, लेकिन नदी अभी भी खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है। चांदपुर में खतरा बिंदु 58.000 मीटर के मुकाबले जलस्तर सुबह 59.23 मीटर और शाम चार बजे 59.22 मीटर रहा। मांझी में खतरा बिंदु 55.150 मीटर के सापेक्ष सुबह 56.25 मीटर और शाम चार बजे 56.35 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया, जिससे यहां मामूली बढ़ाव की स्थिति रही।

टोंस नदी के पिपरा घाट गेज स्थल पर खतरा बिंदु 60.000 मीटर है। यहां सुबह जलस्तर 60.50 मीटर और शाम चार बजे 61.00 मीटर दर्ज किया गया। यानी टोंस में जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है और नदी खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा लगातार नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

प्रतिवेदन में गंगा के बक्सर गेज स्थल पर वर्ष 1982 में 62.090 मीटर तथा गायघाट में वर्ष 2016 में 60.390 मीटर का उच्चतम बाढ़ जलस्तर दर्ज होने का उल्लेख है। सरयू (घाघरा) के डीएसपी हेड पर वर्ष 1998 में 66.000 मीटर, चांदपुर में वर्ष 1982 में 60.240 मीटर और मांझी में वर्ष 1982 में 57.150 मीटर का उच्चतम बाढ़ जलस्तर दर्ज किया गया था। टोंस नदी के पिपरा घाट पर वर्ष 1976 में 62.500 मीटर का उच्चतम बाढ़ जलस्तर दर्ज हुआ था।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा नदियों के जलस्तर में हो रहे बदलाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर में वृद्धि या कमी की स्थिति के अनुसार आवश्यक सूचनाएं और राहत-बचाव संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।