लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए हैं। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई महत्वपूर्ण विभागों और मंडलों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इस फेरबदल में गोरखपुर, बरेली, प्रयागराज और बस्ती मंडलों के नए मंडलायुक्त नियुक्त किए गए हैं, जबकि आवास, कृषि, गृह, ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े प्रमुख पदों पर भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी सूची के अनुसार अनिल ढींगड़ा को गोरखपुर मंडलायुक्त पद से स्थानांतरित कर उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद का आवास आयुक्त, नगर भूमि सीमारोपण निदेशक तथा आवास एवं शहरी नियोजन विभाग का सचिव बनाया गया है। उनकी जगह इन्द्र विक्रम सिंह को गोरखपुर का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है।
रविन्द्र को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं वैभव श्रीवास्तव को पीसीएफ के प्रबंध निदेशक पद से बस्ती मंडल का नया मंडलायुक्त बनाया गया है। प्रकाश बिन्दु को गृह एवं सतर्कता विभाग के सचिव पद से स्थानांतरित कर पीसीएफ का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
शासन ने भूपेन्द्र एस. चौधरी को बरेली मंडलायुक्त पद से हटाकर प्रशासनिक सुधार विभाग का सचिव बनाया है, जबकि शम्भू कुमार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पद से बरेली का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है।
प्रयागराज मंडल की जिम्मेदारी अब डॉ. लोकेश एम. संभालेंगे। उन्हें लोक निर्माण विभाग के सचिव पद से स्थानांतरित कर मंडलायुक्त बनाया गया है। वहीं वर्तमान मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल को श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा संदीप कुमार को राजस्व परिषद, प्रयागराज के सदस्य (न्यायिक) पद से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। पुष्प राज सिंह को गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सचिव पद से अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा तथा सतीश पाल को नोएडा से विशेष सचिव, गृह विभाग में तैनात किया गया है।
इसी क्रम में डॉ. बलकार सिंह को आवास आयुक्त एवं सचिव (आवास एवं शहरी नियोजन) पद से स्थानांतरित कर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है।
शासन का यह प्रशासनिक फेरबदल प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक गतिशील एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई तैनातियों के बाद संबंधित अधिकारी शीघ्र ही अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।


