बलिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को 'नशा मुक्त युवा एवं विकसित भारत' के द्विवर्षीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसका जीवंत प्रसारण जेएनसीयू के सभागार में किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने आभासी माध्यम से भारत के समस्त राज्यों के माई भारत युवा स्वयंसेवकों के साथ संवाद किया तथा कुछ स्वयंसेवकों के वाईब्रेंट विलेज (सीमावर्ती गांवों) के भ्रमण अनुभवों से परिचित हुए।
उक्त कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा विभिन्न प्रकार के नशा एवं ड्रग एडिक्शन के द्वारा होने वाले सभी प्रकार की समस्याओं के बारे में काफी विस्तृत चर्चा की गई एवं इनसे उत्पन्न समस्याओं से निपटने के तरीकों को बताया गया। आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा लाइव प्रसारण के माध्यम से युवाओं से नशा मुक्त युवा एवं विकसित भारत अभियान एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का आह्वान किया गया।
इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर राष्ट्र के विकास में सक्रिय सहभागिता करनी चाहिए। बताया कि यह विश्वविद्यालय परिवार की जिम्मेदारी है कि वह न केवल विश्वविद्यालय परिसर में अपितु संपूर्ण जनपद में व्यापक रूप से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे और समाज में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से परिचित कराते हुए उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करे। साथ ही युवाओं से नशामुक्त रहने और परिवार के अन्य सदस्यों को इससे दूर रखने की शपथ भी दिलाई।
इसी क्रम में 'नशा मुक्त युवा एवं विकसित भारत' कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रेमभूषण यादव ने जानकारी दी कि नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 14 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों द्वारा किया जा रहा है। सह-संयोजक डॉ. रामसरन यादव, समिति के अन्य सदस्य डॉ. रूबी एवं डॉ. सौम्या तिवारी रहीं।
संचालन डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय ने किया। कुलसचिव एस एल पाल, सहायक कुलसचिव जितेंद्र नाथ मिश्र के साथ डॉ. पुष्पा मिश्रा, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. विनीत सिंह आदि प्राध्यापक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।






0 Comments