ओमप्रकाश राजभर ने बेबाकी से उठाई वह आवाज, जिसे कहने से कई जनप्रतिनिधि बचते रहे : धीरेंद्र प्रताप सिंह


बलिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के हालिया बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। इसी क्रम में समाजसेवी एवं सहतवार निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने श्री राजभर के बयान का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर ने जिस स्पष्टता, साहस और बेबाकी के साथ अपनी बात रखी है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है।

धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लंबे समय से समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग कई मुद्दों पर अपने जनप्रतिनिधियों से स्पष्ट और मुखर रुख की अपेक्षा करते रहे हैं। ऐसे में ओमप्रकाश राजभर ने जिस तरह संवेदनशील विषय पर खुलकर अपनी बात रखी, उससे एक महत्वपूर्ण सामाजिक और लोकतांत्रिक विमर्श को बल मिला है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे समाज के प्रतिनिधि होते हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि वे जनता की भावनाओं, समस्याओं और अपेक्षाओं को मजबूती के साथ सरकार एवं सदन तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा, “मैं ओमप्रकाश राजभर जी का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं। जिस बात को सवर्ण समाज के सांसद, विधायक और मंत्री खुलकर नहीं बोल पाए, उस बात को आपने पूरी स्पष्टता और मजबूती के साथ सामने रखा। इसके लिए मैं आपका विशेष रूप से आभारी हूं।”

धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का अधिकार है। जब किसी विषय से समाज के बड़े वर्ग की भावनाएं जुड़ी हों और लोग अपनी बात सरकार तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे हों, तब जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीतिक दबाव, संकोच अथवा परिस्थितियों से ऊपर उठकर न्याय, समानता और जनहित के पक्ष में अपनी बात रखी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने एक संवेदनशील विषय पर अपनी राय को स्पष्ट शब्दों में सामने रखने का साहस दिखाया। समाज में किसी भी वर्ग के साथ अन्याय, भेदभाव अथवा उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब प्रत्येक नागरिक को समान सम्मान, अवसर और न्याय का भरोसा मिले।

समाजसेवी ने कहा कि आज आवश्यकता ऐसे जनप्रतिनिधियों की है, जो केवल राजनीतिक परिस्थितियों को देखकर अपनी राय निर्धारित न करें, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर दृढ़ता के साथ अपनी बात रखें। जनता अपने प्रतिनिधियों से अपेक्षा करती है कि वे उसकी समस्याओं और भावनाओं को विधानसभा, संसद तथा सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं।

धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए। किसी भी वर्ग की आवाज को नजरअंदाज करना या उसकी समस्याओं की अनदेखी करना लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर ने जिस मुद्दे को लेकर स्पष्टता से अपनी बात रखी है, उससे सकारात्मक एवं लोकतांत्रिक संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अन्य जनप्रतिनिधि भी सामाजिक सरोकारों और जनभावनाओं से जुड़े विषयों पर बिना किसी संकोच के अपनी राय सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में असहमति और संवाद दोनों का महत्वपूर्ण स्थान है तथा किसी भी विषय का समाधान सकारात्मक बातचीत और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर ही संभव है।

धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सम्मान, सौहार्द और समानता कायम रहना बेहद आवश्यक है। लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक पहचान यही है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार मिले और उसे न्याय की उम्मीद बनी रहे।

अंत में उन्होंने ओमप्रकाश राजभर के प्रति पुनः आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके स्पष्ट और बेबाक बयान ने एक महत्वपूर्ण विषय को सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत ऐसे ही स्पष्टवादी जनप्रतिनिधियों की है, जो राजनीतिक परिस्थितियों से ऊपर उठकर न्याय, समानता और जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज मजबूती से बुलंद करें।