*दाद, खाज, खुजली के साथ घुटने-कमर दर्द और महिलाओं की आंतरिक समस्याओं के मरीज भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे जिला चिकित्सालय*
बलिया। मौसम बदलने के साथ बीमारियों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। जहां मई माह के दौरान जिला चिकित्सालय के होम्योपैथिक विभाग में उल्टी, दस्त, अपच तथा उच्च रक्तचाप से संबंधित मरीजों की संख्या अधिक थी, वहीं अब बरसात का मौसम शुरू होते ही चर्म रोगों के मरीजों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान समय में दाद, खाज, खुजली और त्वचा संबंधी अन्य समस्याओं से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला चिकित्सालय, बलिया के होम्योपैथिक विभाग की चिकित्साधिकारी डॉ. मनू ने बताया कि मौसम में नमी बढ़ने और स्वच्छता में थोड़ी सी लापरवाही के कारण बरसात के दिनों में त्वचा संबंधी रोग तेजी से फैलते हैं। ऐसे मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार लेने के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की भी सलाह दी जाती है।
उन्होंने बताया कि चर्म रोगों के अलावा पुरुष एवं महिला मरीज घुटनों के दर्द, कमर दर्द, जोड़ों की तकलीफ तथा अन्य शारीरिक समस्याओं के उपचार के लिए भी नियमित रूप से विभाग में आ रहे हैं।
वहीं महिलाएं विभिन्न आंतरिक एवं स्त्री रोग संबंधी परेशानियों को लेकर भी परामर्श और उपचार के लिए पहुंचती हैं। सभी मरीजों का उनकी बीमारी के अनुसार समुचित परीक्षण कर प्रभावी होम्योपैथिक उपचार किया जाता है।
डॉ. मनू ने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, भीगे कपड़े लंबे समय तक न पहनें, त्वचा को सूखा रखें तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज कराने से अधिकांश बीमारियों पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है और मरीज शीघ्र स्वस्थ हो सकते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि जिला चिकित्सालय के होम्योपैथिक विभाग में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों का होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
पंडित विजेंद्र शर्मा द्वारा :-


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