बलिया, 31 जुलाई। सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील वितरण के दौरान बच्चों को थाली के बजाय हाथों में रोटी-सब्जी दिए जाने की वायरल तस्वीरों के मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित विद्यालय के समस्त शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्र तथा रसोइयों को स्पष्टीकरण सहित तलब किया है। बीएसए ने स्पष्ट कहा कि व्यक्तिगत रंजिश के कारण विद्यालय और विभाग की छवि धूमिल करने जैसी हरकत किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
बीएसए के अनुसार वायरल तस्वीर शिक्षा क्षेत्र सीयर के कम्पोजिट विद्यालय पलिया की है। मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी सीयर द्वारा कराई गई, जिसमें विद्यालय स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आई। विद्यालय में 154 छात्र नामांकित हैं तथा उनके लिए 160 थालियां उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बच्चों को व्यवस्थित रूप से भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि वायरल तस्वीरें 20 अप्रैल 2026 की हैं। बीएसए के अनुसार विद्यालय की एक अनुदेशिका के मोबाइल से डिलीट फोटो रिस्टोर होने पर मामला प्रकाश में आया। आरोप है कि अनुदेशिका ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका को ब्लैकमेल करने की मंशा से बच्चों की अधीरता का लाभ उठाकर जानबूझकर तस्वीरें खींचीं और विभाग को जानकारी दिए बिना उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करा दिया।
बीएसए ने कहा कि विद्यालय की चारों रसोइयों ने बच्चों को पंक्तिबद्ध बैठाकर भोजन वितरित कराने में लापरवाही बरती। वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापिका, शिक्षकों, अनुदेशकों और शिक्षामित्र ने भी अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया, जिससे विद्यालय में प्रभावी नेतृत्व का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया और विभाग की छवि प्रभावित हुई।
प्रकरण को गंभीर मानते हुए बीएसए ने विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं रसोइयों को अपने-अपने स्पष्टीकरण के साथ तथा प्रभारी प्रधानाध्यापिका को स्पष्टीकरण एवं मिड-डे मील पंजिका सहित 1 अगस्त 2026 को अपराह्न 3:30 बजे बीएसए कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय पर उपस्थित न होने पर संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


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