अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख पांचवीं बार बढ़ी, 10 जून को नई तिथि तय; त्रुटिरहित सूची बनाने में जुटा आयोग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनती जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख एक बार फिर बढ़ाए जाने के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस वर्ष पंचायत चुनाव नहीं हो पाएंगे।
दरअसल, पंचायत चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण सूची का सत्यापन दोबारा कराया जा रहा है। आयोग किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या त्रुटि की संभावना को खत्म करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया दोबारा करा रहा है। अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 जून को प्रस्तावित किया गया है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण-2025 की अनंतिम सूची जारी की थी, जिसमें प्रदेश में कुल 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए थे। यह संख्या पिछले पंचायत चुनाव की तुलना में 40.19 लाख अधिक थी। सूची जारी होने के बाद आयोग ने दावे और आपत्तियां आमंत्रित की थीं, जिसके तहत लाखों आपत्तियां प्राप्त हुईं। इन सभी आपत्तियों की सुनवाई कर उनका निस्तारण भी किया जा चुका है।
इसके बावजूद अंतिम सूची के प्रकाशन की तिथि अब तक पांच बार बढ़ाई जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, आयोग इस बार मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या सवाल न खड़ा हो सके। इसी क्रम में हर मतदाता का पुनः सत्यापन किया जा रहा है और नए मतदाताओं को भी जोड़ा जा रहा है।
इसके साथ ही आयोग प्रत्येक मतदाता को एक विशेष पहचान संख्या (यूनीक आईडी) भी आवंटित करने की प्रक्रिया में जुटा है। ऐसे में लगातार बढ़ती समय-सीमा को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पंचायत चुनाव इस वर्ष टल सकते हैं।
साभार - अमर उजाला


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