भारत की राजनीति में एक सशक्त और प्रभावशाली दल के रूप में स्थापित भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस हर वर्ष 6 अप्रैल को पूरे देश में उत्साह और समर्पण के साथ मनाया जाता है। यह दिन न केवल एक राजनीतिक दल की स्थापना का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी। इसकी जड़ें भारतीय जनसंघ से जुड़ी हैं, जिसे 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्थापित किया था। समय के साथ यह संगठन एक मजबूत वैचारिक आधार पर खड़ा हुआ और राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक मूल्यों तथा विकास के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ा।
भाजपा का मूल मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" आज देश के जनमानस में गहराई से स्थापित हो चुका है। पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे, अनुशासन और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाई है। आज भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।
स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पार्टी के कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा कार्य, स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। यह दिन कार्यकर्ताओं के लिए आत्ममंथन और नए संकल्प लेने का अवसर भी होता है।
भाजपा के नेतृत्व में देश ने पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा इसके प्रमुख उदाहरण हैं। पार्टी का मानना है कि एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
इस स्थापना दिवस पर प्रत्येक कार्यकर्ता और नागरिक के लिए यह आवश्यक है कि वह राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। भाजपा का यह संदेश है कि जब हर व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएगा, तभी भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
अंततः, भाजपा का स्थापना दिवस केवल एक संगठन का उत्सव नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति और विकास के संकल्प का पर्व है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण सामूहिक प्रयास और अटूट विश्वास से ही संभव है।
धीरेन्द्र प्रताप सिंह ✍️सहतवार, बलिया (उ.प्र.)



0 Comments