परशुराम जन्मोत्सव में पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का संदेश—महिला आरक्षण पर विपक्ष को दी सीख
बलिया: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी जाति धर्म के नहीं बल्कि अपराधियों के विरोधी हैं। उनके राज में आज पूरे प्रदेश की जनता शांति और अमन चैन से रह रही है। यह बातें भृगु मुनि मंदिर में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के सौजन्य से आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव में पहुंचे भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राज्यसभा सांसद डा.लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कही। उन्होंने कहा कि अपने आप में राष्ट्र बलिया की धरती पर आने व बाबा भृगु का दर्शन करने का सौभाग्य मिला इसके लिए अपने आप को धन्य महसूस कर रहा हूं। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह मां विंध्यवासिनी के तर्ज पर बाबा भृगु मुनि कारिडोर बनवा रहे तो इसके लिए ये साधुवाद के पात्र हैं। कहा कि विपक्ष हताशा व निराशा में है जिससे लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रहा है। योगी बाबा की ही देन है कि आज अपराधी प्रदेश छोड़कर भाग गए या तो मार दिए गए। विरोधी दल के नेता यह प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं कि प्रदेश सरकार किसी जाति धर्म विशेष के खिलाफ भेदभाव कर रही है।
कहा योगी एक संत हैं और वह सर्व समाज को लेकर चलते हैं। महिला आरक्षण बिल पर कहा कि आज विपक्षी कह रहे कि भाजपा अपने फायदे के लिए इसे लागू करना चाहती है तो सवाल है कि जब इससे फायदा है तो क्यों नहीं विपक्षी इसका समर्थन किए। महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री ने सभी से समर्थन मांगा था लेकिन विपक्षियों ने जान-बूझकर इसे पारित नहीं होने दिया। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिया था कि किसी राज्य विशेष में सीटें काम नहीं होगी जहां जितनी सीटें होंगी वहां 50 फीसद दिया जाएगा लेकिन यह महिला आरक्षण विरोधी सपा, कांग्रेस परिवार वादी पार्टियों को मंजूर नहीं हुआ। आज सब कुछ से बौखलाया विपक्ष सत्ता हथियाना के लिए समाज को बांटने का काम कर रहा है। महिलाओं के आरक्षण के नाम पर देश की जनता को बरगलाने का प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री ने देश की आधी आबादी को वचन दिया है कि वह उनका हक दिल कर रहेंगे। इस दौरान परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद नीरज शेखर, कार्यक्रम के संयोजक मृत्युंजय तिवारी बबलू, ब्लाक प्रमुख शशांक शेखर त्रिपाठी ने डा.वाजपेयी को स्मृति चिन्ह व फरसा भेंट कर सम्मानित किया।
महिलाओं के प्रति विपक्षियों की मंशा ठीक नहीं : रवि किशन
बलिया: महर्षि भृगु मंदिर में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव में पहुंचे गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिनको लगता है कि घर की महिलाएं राजनीति में आ जाएंगी तो पुरुष का वर्चस्व खत्म हो जाएगा उनकी मंशा महिला विरोधी है। इस धारणा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तोड़ना चाहते थे लेकिन परिवार के नाम पर पार्टी चलाने वालों को यह पसंद नहीं है। राहुल गांधी खुद अपनी बहन प्रियंका गांधी को आगे नहीं आने देना चाहते। विरोधी चाहते हैं कि महिलाएं आजीवन चूल्हा-चौकी और झाड़ू-बर्तन ही करती रहें। उनके लिए रोटी बनाएं और बच्चों की देखभाल करें। भाजपा ऐसा नहीं होने देगी। प्रधानमंत्री ने वचन दिया है तो आधी आबादी को उसका हक जरूर मिलेगा। राजनीति से लेकर फिल्मों तक में अपनी सफलता के पीछे पत्नी के संघर्ष को याद करते हुए रवि किशन ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के गिरने पर जिस प्रकार विपक्षी नेताओं ने सदन में जश्न मनाया, उसे हमारी माताएं, बहनें और बेटियां कभी भूल नहीं सकतीं।




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