महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ बलिया, बाबा बालेश्वर नाथ की भव्य शिव बारात में उमड़ा जनसैलाब


बलिया। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नगर पूरी तरह हर-हर महादेव के जयघोष से शिवमय हो उठा। इस शुभ अवसर पर नगर के बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर, गोला रोड स्थित कैलाश धाम तथा मिड्ढी स्थित शिव मंदिर से रविवार को बाबा भोलेनाथ की भव्य शिव बारात पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ निकाली गई। बारात में हजारों की संख्या में नर-नारी, बच्चे और शिवभक्त शामिल हुए, जिससे नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया।


बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर से करीब चार बजे भोलेनाथ की पालकी के साथ बारात निकली। श्रद्धालुओं ने बाबा की पालकी को कंधे पर उठाकर नगर भ्रमण कराया। बारात जापलिनगंज नया चौक, तहसील स्कूल, एलआईसी रोड, मालगोदाम रोड, स्टेशन रोड, स्टेशन-चौक रोड, गुदरी बाजार रोड, लोहापट्टी, चमन सिंह बाग रोड, महावीर घाट रोड, विजय टाकिज रोड होते हुए पुनः शाम को मंदिर परिसर में पहुंची। मंदिर पहुंचने पर महिलाओं द्वारा शिव-पार्वती विवाह के मांगलिक गीत गाए गए, जिससे पूरा परिसर भक्ति और उल्लास से भर उठा।


शिव बारात में गाजे-बाजे, डीजे, अंग्रेजी बाजा तथा बाबा भोलेनाथ के विभिन्न स्वरूपों और राक्षसों की आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। बाहर से आए कलाकारों ने राधा-कृष्ण का स्वरूप धारण कर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं युवा वर्ग डीजे की धुन पर थिरकता नजर आया। बाबा के भजनों और जयकारों से नगर सहित पूरा जनपद शिवमय हो गया।


उधर, मिड्ढी स्थित शिव मंदिर से निकली बारात मिड्ढी चौराहा, टीडी चौराहा, कुंवर सिंह चौराहा, पुलिस लाइन, एनसीसी तिराहा, कोतवाली रोड, काजीपुरा रोड, एससी कॉलेज चौराहा, मालगोदाम रोड, स्टेशन-चौक रोड, विजय टाकिज रोड, एलआईसी रोड होते हुए पुनः मंदिर पहुंची। बारात के समापन के बाद जिले के प्रमुख शिवालयों के प्रांगणों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जहां महिलाओं ने पारंपरिक मांगलिक गीत गाकर वातावरण को और भक्तिमय बना दिया।


बाबा की बारात में भक्तों द्वारा नगर के विभिन्न मार्गों पर प्रसाद, ठंडई और फलाहार के भव्य स्टॉल लगाए गए थे। कहीं पुड़ी-सब्जी, कहीं चावल-छोले तो कहीं फलाहार की व्यवस्था की गई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं और बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया।


इस अवसर पर श्री भृगु क्षेत्र भक्त मंडल, बलिया (डमरू दल) के नेतृत्व में महिला-पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में डमरू, झांझ और ढोल बजाकर शिव बारात की शोभा बढ़ाई। डमरू दल की सशक्त प्रस्तुति की नगरवासियों ने जमकर सराहना की। यह दल जनपद ही नहीं, बल्कि गैर जनपद और गैर प्रांतों में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुका है।


भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए खुफिया विभाग से लेकर सुरक्षाकर्मी मंदिर परिसर से लेकर पूरे बारात मार्ग में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। सुरक्षा बलों और श्रद्धालुओं के सहयोग से बाबा भूतनाथ की शिव बारात देर रात सकुशल संपन्न हुई। महाशिवरात्रि पर निकली इस भव्य शिव बारात ने एक बार फिर बलिया की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।



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