खुलासा : पत्नी पर बुरी नजर रखते थे पिता, बेटे ने सुपारी देकर करवाई बाप की हत्या

आरोपियों के बयान पर पुलिस ने जब मृतक के बेटे से पूछताछ की तो उसने बताया कि पिता उसकी पत्नी पर बुरी नज़र रखते थे और मौका मिलने पर छेड़छाड़ भी करते थे. इसलिए पिता की हत्या का प्लान बनाया था.

मध्यप्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने कुछ दिन पहले जंगल मे मिली लावारिस जली हुई लाश की गुत्थी को सुलझा लिया है. पुलिस ने इस मामले में मृतक के बेटे को अपने ही पिता की सुपारी देकर हत्या करवाने के मामले में गिरफ्तार किया है. 

मामले में जबलपुर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि 28 मार्च को लावारिस लाश मिली हुई थी, जो बुरी तरह जल चुकी थी. लिहाजा उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी. फोरेंसिक टीम ने लाश को देखा तो पाया कि उसके बायें हाथ के अंगूठे में धातु का छल्ला, बायें हाथ की दो अंगुलियों में लोहे और तांबे का छल्ला था. गले में मोती की माला और कमर के नीचे इनरवियर का अधजला टुकड़ा था. 

लाश और बरामद चीजों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई और जानकारी मांगी गई. इसके बाद सिवनी ज़िले के बरोदा गांव के एक परिवार ने आशंका जताई कि यह शव उनके घर के मुखिया शैल कुमार पटेल का हो सकता है. इसपर एसडीएम जबलपुर की उपस्थिति में शव को निकलवाया गया, जहां परिजनों ने शव की शिनाख्त शैल पटेल के रूप में की. 

पुलिस ने इसके बाद परिवार से पूछताछ शुरू की तो मृतक की पत्नी रम्मू बाई ने बताया कि 26 मार्च को गांव के आयुष शर्मा और मनोज बैगा अपनी बाइक से शैल कुमार को बैठाकर ले गये थे, जिसके बाद से ही शैल कुमार घर वापस नहीं लौटा था. 

पत्नी के बयान पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आयुष और मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि शैल कुमार की हत्या उसके बेटे प्रमोद ने ही सुपारी देकर करवाई है. दोनों ने बताया की प्रमोद ने अपने पिता की हत्या के लिए अपने दोस्त राहुल नेमा और उसके ड्राइवर राहुल यादव को 50 हज़ार रुपये की सुपारी दी थी और इसके लिए 15 हज़ार रुपये एडवांस भी दिए. राहुल नेमा और राहुल यादव ने इसके लिए हम दोनों (आयुष और मनोज) से बात की. 

पुलिस ने बताया कि इसके बाद मनोज और आयुष ने शैल पटेल को गांजा पिलाने को कहकर बाइक पर बैठाया और घंसौर तिराहे पर ले गए, जहां पहले से ही राहुल नेमा और राहुल यादव अपनी कार के साथ खड़े थे. यहां बाइक छोड़कर सभी कार में सवार हो गए. कार में शैल कुमार के साथ सबने पहले मारपीट की और फिर रस्सी से गला घोंटकर मार डाला. इसके बाद गढ गोरखपुर रोड किनारे जंगल में ले जाकर शव को सूखी पत्तियों से ढंककर आग लगा दी. 

आरोपियों के बयान पर पुलिस ने जब मृतक के बेटे से पूछताछ की तो उसने बताया कि पिता उसकी पत्नी पर बुरी नज़र रखते थे और मौका मिलने पर छेड़छाड़ भी करते थे. इसलिए उसने पिता की हत्या का प्लान बनाया था. पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 302, 201, 364 और 120(बी) के तहत मामला दर्ज कर मृतक के बेटे प्रमोद के अलावा राहुल नेमा, राहुल यादव, मनोज बैगा और आयुष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बाइक और कार को भी जब्त किया गया है. 



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