मुख्तार अंसारी मामले ने आया नया मोड़, योगी सरकार की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार…


बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी की कस्टडी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर लताड़ लगाई है। बीते दिनों से नेता मुख्तार अंसारी को लेकर अलग-अलग बयान आ रहा है। सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपने बयान में कहा है कि पंजाब सरकार मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश भेजने का विरोध कर रही है।

पंजाब सरकार ने अपने बयान में कहा है कि मुख्तार अंसारी डिप्रेशन का शिकार है लिए जमानत इसलिए नही लगाई क्योँकि वो वहाँ के जेल में खुश है। पंजाब सरकार के वकील ने बताया कि उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी मामलों को पंजाब ट्रांसफर करने की मांग की वहीं एसजी तुषार मेहता ने मुकुल रोहतगी की इस बात का वि’रोध किया हो।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दर्ज मामले अलग है और यह मामले कहीं ज्यादा गंभीर है। पंजाब में इन गंभीर मामलों की सुनवाई एक साथ नही हो सकती तुषार मेहता ने आगे कहा कि यह गंभीर मामला है कि एक अपराधी अपने खि’लाफ एफ आई आर दर्ज करवा लेता है और उसके बाद वो जान बूझकर ज़मानत अर्ज़ी दाखिल नही करता वो तो जेल में मौज कर रहा है।

मुख्तार अंसारी मामले की सुनवाई सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह भी बताया कि यह बात समझ से ऊपर है कि कैसे पंजाब सरकार एक अपराधी को इस तरह से समर्थन कर रहे हैं। जबकि मुख्तार अंसारी मामले में सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने अगले 24 फरवरी तक के लिए निलंबित कर दिया है। आपको बता दें कि इससे पहले पंजाब सरकार ने जांच की रूपनगर जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपने से इंकार कर दिया था।

पंजाब सरकार ने मुख्तार अंसारी की खराब सेहत का हवाला देकर उसे उत्तर प्रदेश में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं थी इसको लेकर पंजाब सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया है। आपको बता दें दोस्तों इससे पहले सुप्रीम कोर्ट का नोटिस लेकर बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी को यूपी लाने पहुंची। गाजीपुर पुलिस को पंजाब की रोपड़ पुलिस ने खाली हाथ वापस भेज दिया था।




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