100 दिवसीय जागरूकता अभियान का भव्य समापन : बाल विवाह मुक्त बलिया की ओर बढ़ते मजबूत कदम


बलिया। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर चलाए गए ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ का जनपद बलिया में सफल समापन एवं सम्मान समारोह आज बापू भवन टाउन हाल में भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अभियान का संचालन संस्था नव भारतीय नारी विकास समिति, बहेरी (बलिया) द्वारा किया गया, जिसमें जिलेभर में बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता देखने को मिली।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसीएमओ पद्मावती एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. मंजु रानी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और जागरूक नागरिकों ने भाग लेकर अभियान की सराहना की।


इस 100 दिवसीय अभियान के तहत जिले में ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ के माध्यम से गांव-गांव और कस्बों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया। संस्था के निदेशक श्री अजहर अली ने बताया कि 23 जनवरी 2026 को डाक बंगले से इस रथ को सांसद श्री सनातन पाण्डेय द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। मात्र 30 दिनों में इस रथ ने लगभग 800 किलोमीटर की यात्रा करते हुए 700 गांवों तक पहुंच बनाई और करीब 4000 लोगों को इस अभियान से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में वास्तविक परिवर्तन की दिशा में एक सशक्त पहल थी। “यह पहियों पर चलता बदलाव का संदेश था, जिसे लोगों ने खुले दिल से स्वीकार किया। आज दुनिया इस सच्चाई को मानने लगी है कि बाल विवाह कोई परंपरा नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है,” उन्होंने कहा।


इस अभियान के दौरान लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों—जैसे स्वास्थ्य समस्याएं, शिक्षा में बाधा, आर्थिक पिछड़ापन—के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसमें शामिल होने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

अभियान को तीन चरणों में संचालित किया गया। पहले चरण में स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम हुए, दूसरे चरण में धर्मगुरुओं को जोड़कर विवाह से पहले आयु सत्यापन सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया, जबकि तीसरे चरण में पंचायत स्तर पर व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके अलावा कैटरिंग, सजावट, बैंड-बाजा, बैंक्वेट हॉल संचालकों से भी अपील की गई कि वे बाल विवाह में किसी प्रकार की सेवाएं न दें।

‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ नेटवर्क के सहयोग से देशभर के 439 जिलों में चलाए गए इस अभियान ने बाल अधिकारों की सुरक्षा को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। बलिया में भी यह अभियान जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बना, जहां प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक एक साथ इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़े नजर आए।

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न सहयोगियों और सक्रिय प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस अभियान के परिणामस्वरूप “बाल विवाह मुक्त बलिया” का लक्ष्य जल्द ही वास्तविकता बनेगा और यह पहल पूरे देश के लिए एक प्रेरणा साबित होगी।



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