महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे ने किया यांत्रिक कारखाना का निरीक्षण

गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक विनय कुमार त्रिपाठी ने 19 दिसम्बर, 2020 को यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर का गहन निरीक्षण किया। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अरविन्द कुमार पाण्डेय, मुख्य कारखाना इंजीनियर बीएस दोहरे एवं मुख्य कारखाना प्रबन्धक/यांत्रिक कारखाना अतुल चन्द्र बेसरा सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे। 


निरीक्षण के आरम्भ में महाप्रबन्धक विनय कुमार त्रिपाठी ने स्टीम लोको के कटआउट का उद्घाटन कर यांत्रिक कारखाने के थ्री-डी माॅडल का अवलोकन किया। उन्होंने यांत्रिक कारखाने के मशीन शाप का निरीक्षण करते हुये हाइड्रोलिक शाक आब्जर्वर टेस्टिंग मशीन का उद्घाटन फीता काटकर किया। एलएचबी कोचों के रख-रखाव तथा स्मिथि शाप में एनएमजी कोचों के निर्माण का निरीक्षण किया। ह्वील शाप का निरीक्षण करते हुए श्री त्रिपाठी ने ह्वील टर्निंग तथा रोलर बियरिंग के रखरखाव के कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने रोलर बियरिंग में कम्प्यूटराइज्ड ग्रीसिंग कार्य का गहन निरीक्षण किया। स्प्रिंग शाप में एलएचबी कोचों में प्रयोग होने वाले स्प्रिंगों का अवलोकन किया। साथ ही इसके टैगिंग तथा पेन्टिंग पर सतर्कता के साथ विषेष ध्यान देने के लिये सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देर्षित किया। बोगी शाप का निरीक्षण करते हुए श्री त्रिपाठी ने अत्याधुनिक फीयेट बोगी के रखरखाव पर प्रसन्नता व्यक्त की। महाप्रबन्धक ने साफ्टवेयर के माध्यम से सम्बन्धित डिपो को आनलाइन दी जाने वाली सूचना हेतु FBIMS SOFTWARE लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने एयर ब्रेक शाप का निरीक्षण करते हुए LHB तथा मेमू कोचों के एयरब्रेक ओवरहालिंग की कार्यप्रणाली का अवलोकन कर कम्प्यूटराइज्ड डीबी टेस्ट बेंच का उद्धाटन भी किया। शेल शाप का निरीक्षण करते हुए महाप्रबन्धक ने कम्पोजिट हेड स्टाक के बदलाव तथा बेल्डिंग के विभिन्न तत्वों, संरक्षा उपकरणों एवं वाटर टैंक के बेहतर रखरखाव का निर्देश दिया। 


निरीक्षण के दौरान महाप्रबन्धक श्री त्रिपाठी ने कारखाना कर्मचारियों की सुविधा हेतु पुनर्निमित वातानुकूलित स्टाफ कैन्टीन का उद्घाटन किया साथ ही यांत्रिक कारखाना में स्थापित हेरिटेज कोच का भी अवलोकन किया। महाप्रबन्धक ने गुणवत्ता नियंत्रण विभाग तथा रसायन एवं धातु प्रयोगशाला  (सीएमटी लैब) का गहनतापूर्वक निरीक्षण किया। निरीक्षण के अंतिम चरण में महाप्रबन्धक ने प्रशासनिक भवन के पार्क में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी। उन्होंने प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर, मुख्य कारखाना प्रबन्धक, मुख्य कारखाना इंजीनियर एवं यांत्रिक विभाग के वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ एक बैठक में यांत्रिक कारखाने की समृद्धि, गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि लाने हेतु अत्यन्त महत्वपूर्ण सुझाव दिये। बैठक को सम्बोधित करते हुये श्री त्रिपाठी ने कहा कि कारखाने में उत्पादन एवं अन्य कार्य संतोषजनक हैं। 


उन्होंने कहा कि हमें गुणवत्ता को बनाये रखते हुये आरडीएसओ पर निर्भरता कम करते हुये स्वयं ही इस दिशा में कदम उठाना चाहिये। एलएचबी स्प्रिंग की विफलता को नगण्य करने हेतु नये तरीकों की खोज करने तथा आरडीएसओ के साथ मिलकर इसका निदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बेयरिंग का फेल्योर न होना कारखाने के अच्छी वर्किंग का प्रमाण है। यांत्रिक कारखाने के पास संसाधनों की कमी नही है, हमारे पास इतने संसाधन हैं कि हम कुछ भी बना सकते हैं। आउट टर्न को बढ़ाने हेतु महाप्रबन्धक ने गुणवत्ता के साथ कार्य निष्पादन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें मेरा काम की बजाय हमारा काम की प्रणाली पर कार्य करना चाहिए। महाप्रबन्धक ने मुख्य कारखाना प्रबन्धक को कारखाना के बेहतर रख-रखाव हेतु बधाई देते हुये रू. 50,000/- के सामूहिक पुरस्कार की घोषणा की। इस अवसर पर महाप्रबन्धक ने यांत्रिक कारखाने पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया तथा विभिन्न रेल यूनियनों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर रेलकर्मियों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया



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