एक हाथ में सिर पकड़ बच्चों को मार देता था गोली, ऐसे पकड़ा गया दुर्दांत हत्यारा, पूरी कहानी

IPS अमित लोढ़ा ने अपने जीवन के बारे में बताते हुए एक ऐसे खूंखार अपराधी की कहानी बताई जिसे सुनकर रोएं खड़े हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि सावंत प्रताप नाम के अपराधी ने 24 घंटे में 15 लोगों की हत्या कर दी। वह बहुत ही निर्दयी था। एक हाथ से बच्चों के सिर को पकड़ता था और दूसरे हाथ से गोली मार देता था। पुलिस अधिकारी ने इस दुर्दांत अपराधी की गिरफ्तारी की भी काहनी बताई।

उन्होंने बताया, ‘वह 2001 में नवादा जेल से पांच पुलिसवालों को मारकर फरार हो गया था। उसने कई जगहों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी शुरू की और पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी। उसे गिरफ्तार करने का काम मुझे सौंपा गया।’ मैं बहुत ही नर्वस था। मुझे सर्किट हाउस में ठहराया गया। यह बहुत ही अच्छी जगह थी। मुझे लगा कि ऐसी खूबसूरत जगह पर मैं कैसा काम करने आया हूं। मेरी पत्नी ने मुझे फोन किया और पूछा कि क्या तुम वहां गए जहां 15 लोगों की हत्या हो गई। मैंने कहा- नहीं। उसने कहा- तुम बहुत सेल्फिश हो गए हो।’

आईपीएस लोढ़ा ने बताया, ‘मैं उस गांव में गया। उस गांव में एकदम शांति थी। जिस तरह शोले पिक्चर में ठाकुर के घर गब्बर आता है। वहां कुछ महिलाएं बैठी थीं। उनमें से एक ने कहा, साहब मेरे पूरे परिवार को मार दिया। एक प्रेग्नेंट महिला को भी मार दिया गया। पुरुषों की गर्दन रेत दी गई। मैं फिर सर्किट हाउस वापस आया। मैं उस समय सैलरी भी नहीं पा रहा था। मुझे लग रहा था कि मैं सबसे बड़ा दुर्भाग्यशाली हूं लेकिन इन महिलाओं से मिलने के बाद लगा नहीं इन लोगों की समस्या ज्यादा बड़ी है।’

अधिकारी ने आगे बताया, ‘मैं इस आदमी को गिरफ्तार करना चाहता था। मैं चाहता था कि 15 अगस्त से पहले वह सलाखों के पीछे हो। सभी न्यूजपेपर में छप गया, एसपी का ऐलान 15 अगस्त तक सावंत प्रताप को जेल में भेज देंगे। मुझे तकनीक में बड़ी रुचि है। मैंने मोबाइल ऑब्जर्वेशन शुरू किया। मैंने कई अपराधियों के मोबाइल नंबर को ऑब्जर्वेशन पर लगा दिया। मैंने सामंत प्रताप और उसके सहयोगी का नंबर ऑब्जर्वेशन पर लगा दिया। मैं एक बातचीत सुनकर चौक गया। एक पुलिस ऑफिसर ही फोन पर कह रहा था, भैया, ये नया एसपी बहुत तेज है, अपना नंबर स्विच ऑफ कर लो। मैंने सोचा कि अगर इस पुलिसवाले पर अभी कार्रवाई की तो सामंत प्रताप अलर्ट हो जाएगा।’

उन्होंने बताया कि सामंत प्रताप ने अपना फोन भी बंद कर दिया। उसके सहयोगी हॉर्लिक्स ने भी अपना फोन बंद कर दिया। लेकिन हॉर्लिक्स का अफेयर अपनी भाभी से था। वह बिना बात किए रह नहीं पाया और उसने भाभी से बात की। इसके बाद तड़के सुबह वह जब रोमांटिक बात कर रहा था, हम उसकी लोकेशन ट्रैक करते रहते थे। वह जब भी भाभी से बात करता था तो एक दो मिनट वाइफ को भी फोन करता था। उसने हमेशा पूछा कि बच्चों की पढ़ाई कैसी चल रही है। वह हमेशा कहता था कि बच्चों को एसपी बनाना है। हमने उसकी पत्नी का फोन भी ऑब्जर्वेशन पर लगा दिया। हमेशा उसकी पत्नी कहती थी कि कभी बच्चों से मिलने आ जाओ। एक दिन जब मैं वर्ल्ड कप मैच देख रहा था, मैंने फोन ऑन किया तो देखा कि रिंकू देवी अड्रेस बता रही थी। शख्स ने कहा, सब नोट कर लिया और कॉलोनी का नाम फिर से बता दीजिए।

मैंने वहां एक ऐसे शख्स को भेजा जो सस्पेंड हो चुका था। उसे भेजा और वह वहीं पर सब्जी बेचने लगा। एक दिन उसने रिंकू देवी का पीछा किया। उसी के माध्यम से एक दिन हॉर्लिक्स अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद सामंत प्रताप ने फोन ऑन कर लिया। उसका हॉर्लिक्स की पत्नी के साथ अफेयर था। यह कहानी एक फिल्म की तरह है। दोनों के पास रिलायंस का फोन था और देर तक बात करते थे। फिर से उस गद्दार ऑफिसर ने फोन करके फोन बंद करवा दिया। उसने सुबह फिर से जब फोन ऑन किया तो हमने उसे फोन पर कहा कि छत पर आ जाइए, जरूरी बात बतानी है। इसके बाद पुलिस फोर्स ने छत पर जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

साभार- जनसत्ता




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