डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने की अपील, झालर की जगह जलाएं मिट्टी के दिए

 

हजारों दिए का आर्डर देने हरपुर गांव में कुम्हार के यहां पहुंचे

 

कुम्हारी कला पर आजमाया हाथ, स्वयं तैयार किए कई दिए

 

बलिया। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने निर्णय लिया है कि इस दीपावली पर उनके आवास स्थित कैम्प कार्यालय और कलेक्ट्रेट में सिर्फ मिट्टी के ही दिए जलाए जाएंगे। उन्होंने जनपदवासियों से भी अपील किया है कि दीपावली पर झालर आदि की जगह पूर्ण रूप से मिट्टी के दिए ही जलाएं। जिलाधिकारी ने अपने कैंप कार्यालय और कलेक्ट्रेट में जलने वाले दीयों के लिए बुधवार की सुबह बांसडीह रोड क्षेत्र के हरपुर गांव में स्वयं कुम्हार के यहां गए और पर्याप्त मात्रा में मिट्टी के दीपों का आर्डर दिया। इन दौरान उन्होंने स्वयं भी कुम्हारी कला पर हाथ आजमाया। कुम्हारों की मूलभूत समस्याओं को सुना और उनके कल्याण के लिए विशेष पहल करने का भरोसा दिलाया। 

 

अपनी अपील में जिलाधिकारी ने कहा है कि पर्यावरण के साथ कुम्हारी कला और दीपावली का असली महत्व कायम रखने के लिए हम सबको ऐसा करना ही चाहिए। वर्तमान में समय और पर्यावरण की आवश्यकता भी यही है। वैसे भी दीवाली मनाने का हम सबका यही पारंपरिक तरीका भी रहा है। इससे दीपावली की चमक बरकरार रहने के साथ किसी की जीविका भी चलेगी और पर्यावरण संतुलन भी ठीक बना रहेगा। 

 

उन्होंने कहा, मान्यता है कि मिट्टी का दीपक जलाने से शौर्य और पराक्रम में वृद्धि होती है और परिवार में सुख समृद्धि आती है। लेकिन, दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब लोगों का रुझान झालरों की तरफ चला गया। इसका असर हुआ कि कुम्हारी कला पर संकट आने लगा और उसकी जगह विभिन्न तरह की हानिकारक चीजें हमारे समाज में आयीं। इस कला को बचाकर हम हजारों लोगों की जीविका का साधन बन सकते हैं। इसलिए सब संकल्प लें कि दीपावली पर मिट्टी के दिए ही जलाएं।

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