स्वच्छता से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक सख्त हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, दुकानदारों को डस्टबिन के लिए एक सप्ताह की मोहलत
जनसुनवाई में रोज मौजूद रहेंगे सीएमओ के कर्मचारी, 70 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने में आएगी तेजी
बलिया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना, बलिया को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना तथा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने जिले में स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनसुनवाई, आयुष्मान कार्ड, आवास तथा शिकायत निस्तारण सहित विभिन्न बिंदुओं पर प्रशासन की प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
शहर की सफाई व्यवस्था होगी और प्रभावी
डीएम ने बताया कि सभी वार्डों के सफाई नायकों के साथ बैठक कर नगर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की गई है। अधिकारियों एवं सफाई कर्मियों को अभियान चलाकर शहर को स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। नगर की प्रत्येक गली और मोहल्ले में नियमित सफाई के साथ ही कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था शुरू करने के लिए जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नगर पालिका को आदर्श नगर पालिका के रूप में विकसित करने की बात कही।
दुकानदारों को डस्टबिन रखने के लिए एक सप्ताह की मोहलत
जिलाधिकारी ने कहा कि शहर के प्रत्येक दुकानदार के पास डस्टबिन होना अनिवार्य होगा। इसके लिए दुकानदारों को एक सप्ताह का समय देकर जागरूक किया जाएगा। इसके बाद भी यदि कोई दुकानदार नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
खराब स्ट्रीट लाइटें होंगी दुरुस्त
शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है, वहां नई लाइटें लगाने को कहा गया है। डीएम ने कहा कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था से शहर में आवागमन सुगम होने के साथ लोगों को सुरक्षा का भी एहसास होगा।
झोपड़ी मुक्त बनाने की दिशा में होगा काम
जिलाधिकारी ने जनपद को झोपड़ी मुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास के अभाव में झोपड़ी में रहने को मजबूर न हो। पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम सचिवों को दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को चिह्नित कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
सीएससी और पंपलेट से होगा योजनाओं का प्रचार
डीएम ने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गरीब और पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पंपलेट के जरिए भी प्रचार-प्रसार कराया जाएगा, ताकि जानकारी के अभाव में कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
माल्देपुर से कदम चौराहा तक होगा पौधरोपण
जिलाधिकारी ने बताया कि दो अक्टूबर को माल्देपुर से कदम चौराहा तक डिवाइडर पर पौधरोपण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को बेहतर, स्वच्छ और आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जिले के विकास से जुड़ी योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का पात्र बच्चों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि माता-पिता में से किसी एक अथवा दोनों की मृत्यु होने की स्थिति में पात्र बच्चों को योजना के तहत प्रतिमाह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पात्र बच्चों को चिह्नित कर योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर होगी जवाबदेही
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की अनुपस्थिति पाए जाने पर उनसे जवाब लिया जाएगा। राजस्व से संबंधित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से निस्तारित करने के निर्देश सभी उपजिलाधिकारियों को दिए गए हैं।
जनसुनवाई में रोज बैठेंगे सीएमओ के कर्मचारी
डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। जनसुनवाई में प्रतिदिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कर्मचारी मौजूद रहेंगे, ताकि स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही समाधान कराया जा सके। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
सरकारी स्कूलों में जमीन पर नहीं बैठेंगे बच्चे
शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के किसी भी सरकारी विद्यालय में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई न करें। उन्होंने बीएसए और ग्राम प्रधानों को तीन माह के भीतर विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी है। वहीं नगर पालिका क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी संबंधित चेयरमैनों को सौंपी गई है।
योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र तक पहुंचाना लक्ष्य
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाना है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जनसुनवाई और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एडीएम अनिल कुमार, जिला सूचना अधिकारी ऋषभ देव त्रिपाठी, अरुण कुमार, सूचना विभाग के कर्मचारी तथा जिले के पत्रकार मौजूद रहे।


