SSR के तहत मृत, स्थानांतरित और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की होगी पहचान; जनवरी में जारी हो सकती है अंतिम मतदाता सूची
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और अपडेट करने की एक और बड़ी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के बाद अब प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराया जाएगा। इस अभियान के तहत सितंबर से बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर पहुंचकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के साथ ही मृत, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके तथा लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं के नामों की भी जांच की जाएगी।
SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित की गई थी। इसमें 13.39 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। अब केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से पुनरीक्षण संबंधी सूची जारी होने के बाद SSR की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके तहत पहले मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा, जिसके बाद दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
घर-घर जाकर होगा मतदाता विवरण का सत्यापन
SSR अभियान के दौरान बीएलओ अपने क्षेत्र के मतदाताओं से संपर्क कर सूची में दर्ज नाम, पता और अन्य विवरण का सत्यापन करेंगे। जांच के दौरान ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से किसी दूसरे स्थान पर चले गए हैं अथवा लंबे समय से अपने पते पर नहीं रह रहे हैं। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऐसे अपात्र नामों को सूची से हटाया जाएगा।
वहीं 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 तथा नाम, पता अथवा अन्य विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र में परिवर्तन से संबंधित आवेदन भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वीकार किए जाएंगे।
सितंबर से शुरू हो सकता है विशेष अभियान
आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, SSR की प्रक्रिया सितंबर में शुरू होने की संभावना है। इसके लिए करीब 30 से 40 दिनों का समय निर्धारित किया जा सकता है। अभियान के दौरान शनिवार और रविवार को विशेष शिविर भी लगाए जाने की तैयारी है। इन शिविरों में बीएलओ संबंधित मतदान केंद्र पर मतदाता सूची और आवश्यक प्रपत्रों के साथ मौजूद रहेंगे।
मतदाता इन शिविरों में पहुंचकर सूची में अपना नाम और विवरण जांच सकेंगे तथा नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए निर्धारित फॉर्म जमा कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) करेंगे।
निर्धारित नियमों के तहत होगा पुनरीक्षण
मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल्स-2023 में निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। दावे और आपत्तियां प्राप्त होने के बाद उनका नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद संशोधित मतदाता सूची तैयार कर अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी होगी।
2022 में चुनाव से ठीक पहले जारी हुई थी अंतिम सूची
उत्तर प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची 7 जनवरी 2022 को प्रकाशित हुई थी। इसके अगले ही दिन 8 जनवरी को विधानसभा चुनाव की घोषणा की गई थी और 14 जनवरी से पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव निर्धारित समय के अनुसार ही कराए जाएंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी चुनाव से पहले जनवरी के शुरुआती दिनों में अंतिम मतदाता सूची जारी की जा सकती है।
SSR की प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं को शामिल करने के साथ मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और अन्य अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। इससे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश की मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी।

