बलिया। 14 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर मुंबई में वर्ष 1944 में शहीद हुए 66 बहादुर अग्निशमन कर्मियों को याद करते हुए अग्निशमन केंद्र बलिया में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बलिया श्री ओमवीर सिंह के नेतृत्व में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी श्री दिनेश कुमार शुक्ला, क्षेत्राधिकारी लाइन श्री अक्षय कुमार, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी श्री संजय कुमार, श्री अमित यादव सहित अग्निशमन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फायर सर्विस के जवान और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया गया। यह रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों—एनसीसी तिराहा, मिढ्ढी चौराहा, टीडी कॉलेज चौराहा, रोडवेज, चित्तू पांडेय चौराहा, रेलवे स्टेशन, चौक, काशिम बाजार, जिला चिकित्सालय, विशुनीपुर, डीएम आवास तथा पुलिस अधीक्षक आवास होते हुए कुंवर सिंह चौराहा से पुनः फायर स्टेशन पर समाप्त हुई। रैली के दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठानों, होटलों, पेट्रोल पंपों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को आग से बचाव के उपायों तथा सतर्कता के प्रति जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि 14 अप्रैल 1944 को मुंबई बंदरगाह पर मालवाहक जहाज “फोर्ट स्टीकेन” में भीषण आग लगने पर उसे नियंत्रित करने के दौरान 66 अग्निशमन कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस तथा 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है।
इस वर्ष भी 14 से 20 अप्रैल तक जिले में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूलों, संस्थानों और बड़े भवनों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी तथा लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक भवनों का निरीक्षण कर अग्निशमन व्यवस्थाओं की जांच भी की जाएगी।
अग्निशमन अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। भवन खरीदने से पहले अग्निशमन विभाग का प्रमाण पत्र अवश्य लें, सार्वजनिक स्थलों पर आपातकालीन निकास मार्गों की जानकारी रखें, ज्वलनशील पदार्थों के प्रयोग में सतर्क रहें तथा आग लगने की स्थिति में तुरंत 101 या 112 नंबर पर सूचना दें। उन्होंने कहा कि “बचाव ही सबसे बेहतर सुरक्षा” है और जागरूकता ही ऐसी घटनाओं से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।






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