बलिया में विकास योजनाओं और प्रशासनिक मामलों की व्यापक समीक्षा, लापरवाही पर सख्त निर्देश


बलिया में विकास योजनाओं और प्रशासनिक मामलों की व्यापक समीक्षा, लापरवाही पर सख्त निर्देश

*बजट खर्च से लेकर पेंशन तक—बलिया में प्रशासनिक कार्यों की हुई समीक्षा*

*अधूरी योजनाओं और लंबित मामलों पर अधिकारियों से जवाब तलब*

*अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के दिए आदेश*

बलिया। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलंब समिति की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को विकास भवन सभागार में सभापति डॉ. रतन पाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं साल देकर सम्मानित किया। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और प्रशासनिक मामलों की गहन समीक्षा की गई। 

बैठक के दौरान चालू वित्तीय वर्ष में संचालित सरकारी योजनाओं की विभागवार प्रगति का आकलन किया गया। विशेष रूप से दिसंबर 2025 तक स्वीकृत बजट, खर्च की स्थिति और विभागों को अपेक्षित धनराशि न मिलने पर उनके प्रयासों की जानकारी ली गई। योजनाओं के लक्ष्य, उपलब्धियां और कमियों के कारणों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। प्रशासनिक मुद्दों पर जनवरी 2022 से दिसंबर 2025 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य देयों के भुगतान की स्थिति पर सवाल उठाए गए। लंबित पदोन्नति, चयन वेतनमान, मृतक आश्रित नियुक्ति और लंबित प्रकरणों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया। किसानों के मुआवजे, विशेषकर भूमि अधिग्रहण के बाद लंबित भुगतान, तथा वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के वर्षों से लंबित मामलों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। 

सभापति डॉ. रतन पाल सिंह ने स्वयं सहायता समूहों के मानदेय की मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए 940 ग्राम पंचायतों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। साथ ही बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। स्वास्थ्य विभाग को पीएचसी और सीएचसी के निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही सभी सीएचसी/पीएचसी पर बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। निजी एंबुलेंस द्वारा मनमानी वसूली की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं जिले के सभी निजी अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई कराने को भी कहा। विद्युत विभाग को 2017 से अब तक प्राप्त प्रस्तावों और उनके निस्तारण की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने तथा लटके तारों को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि 940 ग्राम पंचायत में से 910 ग्राम पंचायत सचिवालय पूर्ण कर लिया गया है शेष ग्राम पंचायत सचिवालय निर्माण हेतु प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। सभी ग्राम पंचायतों में विद्युत कनेक्शन की जांच कर आवश्यकतानुसार कनेक्शन उपलब्ध कराने को कहा। जिला पूर्ति अधिकारी को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन के तहत वर्षों से अधूरी पड़ी पानी टंकियों को चालू कराने और आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। आबकारी विभाग को जयप्रकाश नगर और पारिखरा क्षेत्र में स्थित शराब की दुकानों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। 

बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज सहित समिति के माननीय सदस्य विजय बहादुर पाठक, माननीय सदस्य रवि शंकर उर्फ पप्पू, आशुतोष सिंह, सीआरओ त्रिभुवन एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments