*डीएम ने 45 दिन से अधिक लंबित पेंशन मामलों पर एसडीएम–बीडीओ का वेतन रोकने के दिए आदेश*
*जिलाधिकारी ने 25 दिन से अधिक लंबित आवेदनों पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए आदेश*
*सोलर पैनल नहीं तो कार्रवाई तय, डीएम ने ठेकेदारों व जनप्रतिनिधियों की जांच के दिए आदेश*
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में कई योजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
पीएम सूर्य घर मुफ्त योजना में जिले की रैंकिंग ‘सी’ पाए जाने पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि जिले की 940 ग्राम पंचायतों में से 400 ग्राम प्रधानों की सूची उपलब्ध कराई जाए। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि 17 ब्लॉकों से 400 कोटेदारों की सूची देने के निर्देश दिए गए। वहीं, सप्लाई विभाग को 40 दुकानों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया।
जल निगम ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत विभाग को अपने-अपने स्तर से स्थानीय ठेकेदारों को सोलर पैनल लगाने के लिए निर्देशित करने तथा ठेकेदारों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। इसके साथ ही सभी ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों की जांच कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि उन्होंने सोलर पैनल लगवाया है या नहीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान कृषि विभाग द्वारा डाटा प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और अगले दिन तक पूरा डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में 19 पैरामीटरों पर कार्य प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में वृद्धावस्था पेंशन के 45 दिन से अधिक लंबित मामलों पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। विकासखंड बेरुआरबारी में 66 आवेदन लंबित पाए जाने पर बीडीओ बेरुआरबारी का वेतन रोकने का आदेश दिया। वहीं तहसील बैरिया, बांसडीह एवं सिकंदरपुर में 45 दिन से अधिक लंबित आवेदनों पर संबंधित तीनों एसडीएम का वेतन रोकने के निर्देश दिए। प्रोबेशन विभाग की समीक्षा में भी 45 दिन से अधिक लंबित पेंशन प्रकरण पाए गए। तहसील बैरिया में 25, सिकंदरपुर में 22 एवं बलिया नगर में 17 आवेदन लंबित मिलने पर संबंधित एसडीएम का वेतन रोकने का आदेश दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ब्लॉक या तहसील स्तर पर 25 दिन से अधिक लंबित आवेदन मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए, जबकि 25 दिन से कम लंबित आवेदनों का निस्तारण 5 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।
*एक करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, अधूरे कार्यों पर फटकार*
जिलाधिकारी ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान कई निर्माण कार्य अधूरे पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित विभागों व कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए। पर्यटन विभाग द्वारा कार्यदायी संस्था यूपीएसटीडीसी के माध्यम से नगरा में कराए जा रहे तालाब की सीढ़ियों के सुंदरीकरण का कार्य अधूरा पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि यूपीएसटीडीसी पिछले तीन वर्षों में कराए गए कार्यों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने अधूरे हैं और कितने कार्यों का सत्यापन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि बलिया शहर से गंगा घाट तक जाने वाली सड़क के निर्माण तथा प्रकाश व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार कर 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाए। गृह एवं गोपन विभाग की समीक्षा के दौरान तहसील बैरिया में अग्निशमन केंद्र का निर्माण, विकासखंड बेलहरी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बालिका छात्रावास भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपुर महात खुर्द तथा राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय हुसैनाबाद का निर्माण कार्य में लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विकासखंडों और तहसीलों में हेलीपैड निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जिले के 14 विकासखंडों में ग्रामीण स्टेडियम अथवा ओपन जिम के निर्माण हेतु न्यूनतम तीन एकड़ भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बाढ़ शरणालय सागरपाली के स्थान परिवर्तन पर भी निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि अब इसके स्थान पर विधानसभा नगर, बलिया में बाढ़ शरणालय का निर्माण कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता को मिल सके।
*आईजीआरएस की प्रगति पर डीएम सख्त, फीडबैक न लेने पर कारण बताओ नोटिस के निर्देश*
जिलाधिकारी ने जन शिकायत निवारण पोर्टल (आईजीआरएस) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने के बाद ही निस्तारण आख्या विस्तार से लिखकर पोर्टल पर अपलोड की जाए। साथ ही शिकायत कर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक लिया जाए और निस्तारण से संबंधित फोटोग्राफ भी अपलोड किए जाएं।
जिलाधिकारी ने फीडबैक न लिए जाने पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि जिस विभाग के जांच अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता से फीडबैक नहीं लिया गया तो उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। जिसमें जन शिकायत निवारण पोर्टल पर कुल 9177 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 5349 शिकायतें लंबित हैं। 5071 मामले डिफाल्टर की श्रेणी में हैं, जबकि 3818 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। इन आंकड़ों पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जन शिकायत पोर्टल को प्रतिदिन देखा जाए। यदि किसी विभाग द्वारा तीन दिन के भीतर पोर्टल नहीं खोला गया तो संबंधित विभाग के अधिकारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) त्रिभुवन, जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश, बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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