अग्नि पुराण : अग्नि के इन उपायों को करने से मिलेगा धन, सुख-समृद्धि और नौकरी


अग्नि पुराण : ज्योतिष शास्त्र में अग्नि को लेकर ऐसे कई उपाय बताए गए हैं। जिन्हें करने से आपका जीवन सुखी और समृद्धशाली होगा।

अग्निपुराण में अग्नि का विशेष महत्व बताया गया है। अग्नि देवताओं का मुख मानी जाती है। हवन के दौरान अग्नि में आहुति देकर देवताओं को भोग लगाया जाता है। संसार में अग्नि मात्र ऐसा तत्व है, जो खुद जलकर दूसरों को प्रकाश प्रदान करती है। पंचतत्वों में अग्नि को सबसे पवित्र माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में अग्नि को लेकर ऐसे कई उपाय बताए गए हैं जिन्हें करने से आपका जीवन सुखी और समृद्धशाली होगा। वहीं, आपको कभी धन की कमी नहीं होगी। आइये जानते हैं इन उपायों के बारे में।

धन प्राप्ति के लिए उपाय : सप्ताह में एक बार गूलर की लकड़ी से आग जलाएं और इसमें 27 बार खीर की आहुति दें। इस उपाय को करने से आपके जीवन में कभी धन की कमी नहीं रहेगी। न कभी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा।

सुख-शांति की प्राप्ति के लिए उपाय : प्रातकाल के समय आम की लकड़ी से आग जलाएं। अब हवन सामग्री में गुग्गल धूप मिलाकर 27 आहुति दें। इस उपाय को 7 दिनों तक करने से आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

कर्ज से मुक्त होने का उपाय : हवन सामग्री में गुड़ मिलाकर खैर की लकड़ी से जलाई गई आग में 27 बार आहुति दें। इस उपाय को करने से आपको सभी प्रकार के कर्ज से मुक्ति मिलने लगेगी। यह उपाय आपको कम से कम 15 दिनों तक करना होगा।

विवाह के लिए उपाय : प्रत्येक गुरुवार को पीपल की लकड़ी से आग जलाएं। अब इसमें पीली सरसों के दाने से अपनी आयु के बराबर आहुति दें यानी आपकी जितनी आयु है उतनी आहुति देना है। इस उपाय को करने से शीघ्र विवाह के प्रस्ताव आने लगेंगे।

नौकरी पाने के लिए : प्रत्येक शनिवार को शाम के संध्याकाल में शमी की लकड़ी से आग जलाकर उसमें काले तिल से 21 बार आहुति दें। यह उपाय अब तक करें जब तक आपकी नौकरी पक्की न हो जाएं। इस उपाय के परिणाम आपको पहले दिन से देखने को मिलने लगेंगे।

डिसक्लेमर : 'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।

साभार - नई दुनिया 




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