यहाँ के सारे मदरसे बंद, सिलेबस से हटा इस्लामिक पाठ्यक्रम, बीजेपी सरकार का फैसला

शिक्षा मंत्री के मुताबिक, "हम इंडियन सिविलाइजेशन पर कोर्स चालू करने वाले हैं। यह इतिहास से अलग होगा। इसके लिए करिकुलम सभ्यतागत दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।"

असम में सारे मदरसे बंद होंगे। साथ ही BJP शासित सूबे में सिलेबस से इस्लामिक पाठ्यक्रम भी हटा दिया गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि प्रदेश सरकार ने सभी राज्य संचालित मदरसों से इस्लामिक विषय हटाने के लिए मंजूरी दे दी है। यही नहीं, इन संस्थानों को रेग्युलर स्कूलों में तब्दील करने का फैसला भी लिया गया है। सरकार ने इसके अलावा संस्कृत स्कूलों को भारतीय विरासत और सभ्यता का सेंटर ऑफ लर्निंग में बदलने की अनुमति भी दी है।

शिक्षा मंत्री हेमंत बिस्वा सर्मा ने सोमवार को पत्रकारों को बताया, “साल 1934 में जब असम को सर सैयद सदाउल्ला के तहत मुस्लिम लीग सरकार चला रही थी, तब मदरसा शिक्षा को असम के एजुकेशन करिकुलम में लाया गया था। रविवार को हमारी सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में फैसला लिया कि हम इस व्यवस्था में सुधार करते हुए इसे धर्मनिरपेक्ष बनाएंगे। नतीजतन सभी (सरकारी) मदरसे बंद हो जाएंगे और उन्हें सामान्य शिक्षा यानी रेग्युलर स्कूलों में बदल दिया जाएगा।”

शिक्षा मंत्री के मुताबिक, “हम इंडियन सिविलाइजेशन पर कोर्स चालू करने वाले हैं। यह इतिहास से अलग होगा। इसके लिए करिकुलम सभ्यतागत दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।”

कैबिनेट द्वारा मंजूर आधिकारिक नोट बताता है कि सरकार 2021-22 अकादमिक सत्र की परीक्षा के नतीजों के ऐलान के बाद स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया है। ऐसे में सभी रिकॉर्ड मसलन बैंक खाते और स्टाफ को SEBA ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

स्टाफ को पहले की तरह तनख्वाह और भत्ते मिलते रहेंगे। हालांकि, अकाउंट हेड ‘मदरसा एजुकेशन’ से बदलकर ‘सेकेंड्री एजुकेशन’ हो जाएगा। नोट के मुताबिक, “मदरसों में धर्मशास्त्र संबंधी विषय पढ़ाने वाले टीचर अपनी काबिलियत के हिसाब नई व्यवस्था के तहत सामान्य स्कूलों में दूसरे सब्जेक्ट्स पढ़ाएंगे।”

असम में दो किस्म के राज्य सरकार द्वारा संचालित मदरसा हैं। 189 हाई मदरसा और मदरसा हायर सेकेंड्री स्कूल, जो असम के बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (SEBA) व असम हायर सेकेंड्री एजुकेशन काउंसिल (AHSEC) के तहत आते हैं। इसके अलावा 542 प्री-सीनियर, सीनियर और टाइटल मदरसा व अरबी कॉलेज हैं, जिन्हें स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड चलाता है।





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