दिसंबर में कब किया जाएगा प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Pradosh Vrat Kab Hai : ऐसी मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। जानकारों का मानना है कि जो लोग प्रदोष व्रत रखते हैं, उन्हें कभी कोई रोग-दोष नहीं सताता है।

Shiv Pradosh Vrat Kab Hain : हिंदू पंचांग के मुताबिक हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत किया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार दिसंबर का पहला प्रदोष व्रत 13 तारीख, शनिवार को रखा जाएगा। कहते हैं कि जो व्यक्ति त्रयोदशी यानी प्रदोष व्रत रखता है उस पर हमेशा भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।

यह माना जाता है कि जो लोग भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना चाहते हों उन्हें प्रदोष व्रत जरूर रखना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। जानकारों का मानना है कि जो लोग प्रदोष व्रत रखते हैं, उन्हें कभी कोई रोग-दोष नहीं सताता है।

प्रदोष व्रत पूजन विधि (Pradosh Vrat Pujan Vidhi)

प्रदोष व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।

पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र करें।

एक चौकी लें। उस पर सफेद रंग का कपड़ा बिछाकर चौकी के चारों ओर कलावा बांधें।

अब चौकी पर भगवान शिव की प्रतिमा या चित्र विराजित करें।

शिव जी के चरणों पर गंगाजल चढ़ाएं फिर उन्हें सफेद फूलों की माला अर्पित करें।

भगवान शिव को सफेद गोपी चन्दन का तिलक लगाएं।

अगर आप शिव प्रदोष व्रत के अवसर पर शिवलिंग की उपासना करते हैं तो सबसे पहले शिवलिंग का अभिषेक करें। फिर संभव हो तो उन पर धतूरा और भांग चढ़ाएं। अगर धतूरा-भांग ना मिल पाए तो मौसमी फल चढ़ा सकते हैं।

धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं। फिर भगवान शिव स्तुति, शिव चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र और शिव मंत्रों से भगवान शिव को प्रसन्न करें।

भगवान शिव का ध्यान करते हुए उन्हें प्रणाम करें। इसके बाद शिव जी की आरती करें।

संभव हो तो उन्हें खीर का भोग लगाएं। कहा जाता है कि भगवान शिव को खीर का भोग पसंद है।

पूजा संपन्न होने पर भगवान शिव से पूजा में हुई गलतियों की क्षमा मांगे।

प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Puja Ka Shubh Muhurat)

सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त – 13 दिसंबर, शनिवार – सुबह 5 बजकर 43 मिनट से सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक।

संधया पूजा का शुभ मुहूर्त – 13 दिसंबर, शनिवार – शाम 8 बजकर 10 मिनट से 9 बजकर 36 मिनट तक।

भगवान शिव के मंत्र (Shiv Mantra)

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

ॐ नमः शिवाय।

ॐ आशुतोषाय नमः।



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