हमारी संवैधानिक संस्थाओं के गौरवशाली इतिहास के बारे में आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए : श्री हृदय नारायण दीक्षित

 




                  

उप मुख्यमंत्री श्री  केशव प्रसाद मौर्य, उत्तर प्रदेश के प्रथम विधान मण्डल की पहली बैठक की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हुए सम्मिलित

लखनऊः08 जनवरी, 2021। उत्तर प्रदेश के प्रथम विधान मण्डल की पहली बैठक की स्मृति में अमर शहीद चन्द्र शेखर आजाद पार्क प्रयागराज में स्थित राजकीय पुस्तकालय परिसर में प्रयागराज गौरव अनुभूति आयोजन समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में  मा0 विधान सभा अध्यक्ष उत्तर प्रदेश, श्री ह्रदय नारायण दीक्षित  वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुए।

मा0 अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश विधान सभा, श्री ह्रदय नाराण दीक्षित ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे यहां प्राचीन काल से ही लोकतंत्र की व्यवस्था रही है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को हमारी संवैधानिक संस्थाओं के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया जाना चाहिए। इतिहास से ही हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। हमारे इतिहास के बारे में आने वाली पीढ़ियों को सही जानकारी हो, ये हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मिलित होने के दिए गए आमंत्रण पर आयोजनकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से आने वाली पीढ़ियों को  इतिहास के बारे में जानकारी होती है।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगो को  उप मुख्यमंत्री  ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रयागराज का इतिहास अत्यंत समृद्ध व गौरवशाली है। सालों तक यह प्रदेश की राजधानी रहा और पहली विधान मण्डल की बैठक का गवाह भी है। धार्मिक, साहित्यिक, राजनैतिक व पौराणिक दृष्टि से इस शहर का मान पूरी दुनिया में है। इसलिए पब्लिक लाइब्रेरी में प्रतिवर्ष 08 जनवरी को कार्यक्रम आयोजित करने की परम्परा शुरू की गयी है। उन्होंने कहा कि पूरा सदन एक बार पुनः प्रयागराज में चले, इसके लिए पूरा प्रयास किया जायेगा। शहर का मान बढ़ता रहे, विकास के कार्य तेजी से हो, उस दृष्टि से पूरी मेहनत से जमीनी स्तर पर कार्य किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी, 2019 प्रयागराज स्थित कुम्भ नगर का कमाण्ड सेंटर उस ऐतिहासिक तारीख को प्रयागराज पुनः राजनितिक फलख पर छा गया, पहली बार उत्तर प्रदेश विधान मण्डल का सदन पहली बार लखनऊ से बाहर चला और कैबिनेट की बैठक प्रयागराज में आयोजित हुई। साथ ही प्रदेश के विकास के लिए 10 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर भी लगायी गयी, जिसमें सबसे अहम था 36 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे की मंजूरी दी गयी। इसे प्रयागराज के विकास में मील के पत्थर के रूप में याद रखा जायेगा।  उप मुख्यमंत्री  ने कहा कि भारत का लोकतंत्र विश्व में सबसे मजबूत एवं शक्तिशाली है। हमें अपने लोकतंत्र की इस परम्परा को आगे भी इसी मजबूती के साथ मिलकर आगे बढ़ाना है। आज प्रयागराज में रेल मार्ग, सड़क मार्ग, हवाई मार्ग एवं जल मार्ग की सुविधा उपलब्ध है, जिससे प्रयागराज का गौरव बढ़ा है। हमारी सरकार प्रयागराज की उन्नति के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रयागराज को पर्यटन सिटी के रूप में विश्व में पहचान मिले, इसके लिए 2019 में भव्य एवं दिव्य कुम्भ का आयोजन सम्पन्न हुआ, जिसकी चर्चा पूरे विश्व में हुई। इसी प्रकार से ऋंगवेरपुर धाम का भी कायाकल्प किया जा रहा है, जिससे लोग ऋंगवेरपुर धाम को भी पर्यटन के क्षेत्र के रूप में जाने। प्रयागराज को चारों ओर से रिंग रोड़ से कनेक्ट किया जा रहा है। पुलों एवं आरओबी के निर्माण से प्रयागराज की विकास की गति बढ़ी है और लोगो को जाम जैसी समस्या से छूटकारा भी मिला है। इसका एक उदाहरण है फाफामऊ में गंगा नदी पर बनने वाले 6 लेन पुल का निर्माण है। उन्होंने आयोजनकर्ताओं से कहा कि प्रत्येक वर्ष एक विशेषांक जरूर निकाले, जिससे लोगो को प्रयागराज के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया कराया जा सके। इस अवसर पर मा0 सांसद फूलपुर श्रीमती केशरी देवी पटेल, मा0 विधायकगणों के अलावा अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

बी एल यादव 

सूचना अधिकारी



Comments