यूपी : श्मशान घाट में छत गिरने से 18 की मौत, मलबे में फंसे दर्जनों लोग, सीएम योगी ने दिए निर्देश


नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में श्मशान घाट में छत भरभरा कर गिर जाने के कारण कई लोग मलबे में दब गए हैं। इस स्थल पर राहत कार्य जारी है। बता दें कि ये हादसा गाजियाबाद थाने के मुरादनगर इलाके में हुआ है। सामने आ रही तस्वीरों को देखने से पता चल रहा है कि कई लोग श्मशान घाट के लेंटर के नीचे दबे हुए हैं। वहीं गाजियाबाद पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम घटनास्थल पहुंच गई है और राहत कार्य में जुट गई है। इस हादसे को लेकर गाजियाबाद जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया है कि, इस घटना में 18 लोगों के मौत हो चुकी है। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मौके पर जाने और राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए है। सीएम योगी ने साथ ही ये भी निर्देश दिया है कि, हादसे में जो लोग घायल हुए हैं उनका समुचित उपचार सुनिश्चित कराएं।

बता दें कि रविवार की सुबह से दिल्ली एनसीआर में बारिश हो रही है। ऐसे में कुछ लोग मुरादनगर थाना क्षेत्र के ही डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार में शामिल होने गाजियाबाद के श्मशान घाट आए थे। बारिश होने की वजह से अंतिम संस्कार करने आए लोग छत के नीचे खड़े हो गए। तभी श्मशान घाट का लेंटर भरभराकर गिर गया। जिसके बाद मलबे में कई लोग दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है।

गौरतलब है कि गिरे छत का आकार काफी बड़ा था, इसलिए प्रशासन की तरफ से रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए क्रेन बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि, अभी भी दर्जन भर से ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका है। घटनास्थल पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके का रेस्क्यू अभियान जारी है। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक 17-18 लोगों को मलबे से निकाला गया है और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने आदेश देते हुए मण्डलायुक्त, मेरठ और एडीजी मेरठ जोन को घटना की तत्काल रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए हैं।


इस बिल्डिंग के बारे में यह बताया जा रहा है कि यह ज्यादा पुरानी नहीं है। इसे 4-5 महीने पुरानी कंस्ट्रक्शन बताई जा रही है। ऐसे में इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कोन है ये भी देखना जरूरी है।




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