सात अंको में समाए सैकड़ों सालों के सातों दिन


नव वर्ष शुक्रवार से शुरू, शुक्रवार पर खत्म

नव वर्ष 2021 के कैलेंडर को याद रखने का अनोखा तरीका

नव वर्ष आते ही हर व्यक्ति अपने घर की दीवार पर नव वर्ष का नया कैलेंडर लगाना चाहता है या अपनी टेबल पर सजाना चाहता है। शहर के ही एक गणित शिक्षक द्वारा बनाए गए कैलेंडर को आप अपनी जुबान पर मुंह जुबानी भी बना सकते हैं। एक विशेष संख्या या अंक कोड के समूह को याद कर साधारण गणनाओ द्वारा वर्ष के किसी भी तारीख के दिन को सीधा-सीधा बिना कैलेंडर देखें जाना जा सकता हैं।

लखनऊ पब्लिक स्कूल के गणित शिक्षक अतुल सक्सेना ने सैकड़ों वर्षो के लिए कोड कैलेंडर को कई तालिकाओं में तैयार किया है। इस पर वह कई वर्षों से निरंतर कार्य कर रहे हैं। एक वर्ष के बारह महीने को अंको की एक संख्या द्वारा व्यक्त किया गया है। चार सौ वर्षों की संख्याओं के परस्पर संबंधों के आधार पर हर एक तालिका को बनाया गया है। तालिकाओं के आधार पर किए गए उनके विश्लेषण के अनुसार नए वर्ष 2021 का क्रम कोड भी इस शताब्दी में कई बार आएगा। नव वर्ष 2021 का कैलेंडर भी वर्ष 2010 के ही समान था। शताब्दी 2027, 2038, 2049, 2055, 2066, 2077, 2083 एवं 2094 में भी ऐसा ही कैलेंडर आएगा। शताब्दी वर्ष 2100 का कैलेंडर भी नव वर्ष 2021 के ही समान होगा। 

विगत शताब्दी में भी वर्ष 1909, 1915, 1926, 1937, 1943, 1954, 1965, 1971, 1982, 1993 एवं 1999 में भी यही कैलेंडर आया था। कैलेंडरो का दोहराना एक सामान्य गणितीय की प्रक्रिया है। एक ही शताब्दी में एक सामान्य वर्ष का कैलेंडर  11 या 6 वर्षों के बाद दोहराता है। लीप वर्षों के कैलेंडर एक ही शताब्दी में 28 वर्षों बाद दोहराते हैं। सामान्य व लीप वर्षों के कैलेंडर सात-सात प्रकार के ही होते हैं। इस तरह से कुल 14 प्रकार के ही कैलेंडर वर्ष दर वर्ष दोहराते रहते हैं।  एक सामान्य वर्ष के 365 दिनों में 52 सप्ताह के साथ 1 दिन भी होता है। इसलिए एक सामान्य वर्ष का प्रारंभ जिस दिन से होता है, उसी दिन पर वह समाप्त भी होता है। नव वर्ष 2021 का प्रारंभ 1 जनवरी दिन शुक्रवार के दिन से प्रारंभ होकर 31 दिसंबर दिन शुक्रवार को ही समाप्त होगा।

नववर्ष 2021 के लिए अंक कोड 400,351,362,402 है। यह संख्या वर्ष 2021 के सभी 12 महीनों जनवरी से दिसंबर तक के क्रमानुसार कोड है। किसी भी तारीख में उसके माह का कोड जोड़कर 7 से भाग करने पर जो शेषफल आता है, वह अंक उस दिन का बोध कराता है। प्राप्त शेषफल शुन्य से 6 तक को  रविवार से शनिवार तक क्रमानुसार जाना जा सकता है। उदाहरण के लिए 26 जनवरी 2021 के दिन को जानने के लिए 26 में जनवरी माह का कोड 4 जोड़ने पर योगफल 30 आता है। योगफल 30 को 7 से भाग करने पर शेषफल 2 प्राप्त होता है, जो मंगलवार के दिन का होना व्यक्त करता है। इसी तरह से 1 फरवरी 2021 का दिन जानने के लिए 1 में फरवरी का अंक कोड 0 जोड़ने पर प्राप्त योगफल 1 को 7 से भाग करने पर भागफल 0 तथा शेषफल 1 आता है, शेषफल 1 दिन सोमवार का होना को बताता है।

प्रेषक,
अतुल सक्सेना
जगदम्बा प्रसाद बिल्डिंग, मेन रोड,
लखीमपुर-खीरी, उ0प्र0
पिन कोड-262701
मो0नं0-8726321794



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